अग्रवाल के भजनों से महकी वसंतोत्सव की शाम
गोविंद मेरो है, गोपाल मेरो है, करते हो तुम कन्हैया मेरा नाम हो रहा है….जैसे भजनों पर श्रद्धालु देर रात झूमते रहे। भजन गायक विनोद अग्रवाल ने देर रात तक प्रभु के भजनों से श्रद्धालुओं को बांधे रखा। मौका था श्री रामाेला मंदिर भक्त मंडल द्वारा आयोजित एक शाम राधा माधव के नाम भजन संध्या का। रामोला मंदिर प्रांगण शाम 6 बजे से भक्तों से गुलजार हो गया। 7 बजे तक पूरा पंडाल भर चुका था। मुंबई से आए ख्यात भजन गायक विनोद अग्रवाल जब मंच पर पहुंचे तो पूरे पंडाल में जोश भर गया। विनोद अग्रवाल और साथ में आए बलदेव कृष्ण सहगल, धीरज बावरा ने करीब 8.30 बजे से भजनों की ऐसी मस्ती छाई की श्रद्धालुओं को इस बात अहसास ही नहीं रहा कि कितना समय बीत गया। विनोद अग्रवाल ने कई प्रसिद्ध भजन सुनाए तो भक्त मगन हो उठे। संचालन प्रदीप शर्मा ने किया। कार्यक्रम में विशेष रूप से भागवत कथाकार भीमाशंकर शास्त्री एवं सच्चिदानंद महाराज उपस्थित रहे।
विनोद अग्रवाल अपने चिरपरिचित अंदाज में कन्हैया ले चल परली पार, सांवरिया ले चल परली पार भजन से संध्या की शुरुआत की। इसके बाद अलग अलग भजनों के माध्यम से लोगों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। अग्रवाल ने जैसे बिरज की छोरी से, राधिका गौरी से मेरो ब्याह करा दे मैया गाना शुरू किया तो पूरा पंडाल ही थिरकने लग गया। अग्रवाल के पहले ही भजन से लोगों ने थिरकना शुरू कर दिया। यह सिलसिला उनके आखिरी भजन तक चलता रहा। विरह के कुछ भजनों पर तो लोगों की आंखें भी नम हो गई। भजन संध्या में विनोद अग्रवाल लगातार 4 घंटे से अधिक समय तक भगवान कृष्ण को समर्पित रचनाओं से लोगों को बांधे रखा। मंदिर पुजारी महंत चेतनदास बैरागी, विधायक दिलीपसिंह शेखावत, नपा अध्यक्ष कमलेश अनिल शर्मा, सांसद प्रतिनिधि अनिल शर्मा, बलराज भट्ट, अखिलेश शर्मा, गोविंद भरावा, हीरालाल मदारिया, चंद्रप्रकाश चौरड़िया, नंदकिशोर राठौर, गोविंदराज सगीतला, राकेश शर्मा, आशीष बैरागी, मयंक परिहार, अभिषेक बैरागी, भरत कांकर, मनदीप शर्मा, विनोद गौतम, अर्जुन शर्मा, दयाराम धाकड़, श्यामसुंदर भट्ट, सतीश सोनी, नीलेश मिश्रा, श्रद्धा शर्मा, मधु जायसवाल, सुषमा गगरानी सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
स्थानीय इंद्रप्रस्थ गार्डन मंे आयोजित भजन संध्या में मौजूद नगरवासी। इनसेट भजन प्रस्तुत करते अग्रवाल।
भजनों का आनंद लेते धर्मप्रेमी। इनसेट भजन प्रस्तुत करते अग्रवाल।
खाचरौद में देर रात तक चला भजनों का दौर