मुआवजे के पते नहीं, सरकारी खाद्यान्न भी गायब
अब तक एक भी गांव में वितरित नहीं की गई पीड़ित किसानों को पात्रता पर्ची
भास्कर संवाददाता | नागदा
अतिवृष्टि से प्रभावित नागदा व खाचरौद तहसील के किसानों को मुआवजा मिलने के कोई पते नहीं है। वहीं सरकार द्वारा इन पीड़ितों के लिए जारी किया गया खाद्यान्न भी गायब हो चुका है। लापरवाही के कारण पीड़ित किसानों को अभी तक पात्रता पर्ची भी उपलब्ध नहीं हो पाई है। ऐसे में किसानों को राशन दुकान से खाद्यान्न सामाग्री नहीं मिल रही है। जबकि शासन ने उक्त पीड़ितों को दिसंबर 2015 से अक्टूबर 2016 तक राशन दुकानों से खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए तत्काल पात्रता पर्ची जारी करने के आदेश 17 दिसंबर 2015 को ही जारी कर दिए थे। मामले में जनपद पंचायत सीईओ से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने मोबाइल रिसीव नहीं किया।
नागदा-खाचरौद विकासखंड में रिकार्ड तोड़ 54 इंच बारिश हुई। अतिवृष्टि के कारण फसल तबाह हो गई। इस पर शासन ने नागदा व खाचरौद तहसील को सूखाग्रस्त घोषित कर दोनों तहसीलों में 35-35 करोड़ रुपए मुआवजा राशि वितरित के आदेश दिए थे। लेकिन बजट के अभाव में अब तक गिनती के गांवों में ही मुआवजे का वितरण हो पाया। दोनों ही तहसील के पीड़ित किसान मुआवजा मिलने का इंतजार कर रहे हैं। परंतु अभी तक बजट नहीं आने से दोनों तहसीलों में करीब 60 करोड़ रुपए का वितरण होना शेष रह गया। वहीं शासन के 17 दिसंबर 2015 को जारी पत्र पर कलेक्टर कवींद्र कियावत ने 22 दिसंबर 2015 को दोनों तहसीलों के एसडीएम, तहसीलदार व खाद्य विभाग को आदेश जारी कर पीड़ित हितग्राहियों को चालू माह यानी दिसंबर से ही खाद्यान्न उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। आदेश के दो माह बाद भी पीड़ित हितग्राहियों को खाद्यान्न मिलना तो दूर की बात, उन्हें पात्रता पर्ची ही जारी नहीं की गई है।
आदेश भेजा, पर अमल नहीं- कलेक्टर कार्यालय से जारी आदेश एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत को मिला। इस पर उन्होंने ग्राम पंचायत को भी आदेश भेजा। बावजूद उक्त आदेश पर ग्राम पंचायत ने अमल नहीं किया और न ही अधिकारियों ने इसकी जानकारी ली कि पीड़ितों को खाद्यान्न मिल भी रहा है या नहीं।
आदेश के बाद सूची बनाकर जनपद पंचायत को भेज दी गई है। अगर पीड़ित किसानों को पात्रता पर्ची नहीं मिली है तो जनपद पंचायत सीईओ से जानकारी ली जाएगी। अशोक व्यास, एसडीएम, खाचरौद
पात्र किसानों की सूची जनपद पंचायत को आदेश के बाद भेज दी गई है। किस कारण पात्रता पर्ची का वितरण नहीं हुआ है, इसकी जानकारी जनपद पंचायत व सचिवों से ली जाएगी। रमेश सिसौदिया, अतिरिक्त तहसीलदार, नागदा
सूची भेजी फिर भी पात्रता पर्ची जारी नहीं
नागदा व खाचरौद तहसील कार्यालयों से मिली जानकारी के अनुसार उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायतों के पात्र पीड़ित किसान हितग्राहियों की सूची बनाकर जनपद पंचायत को भेज दी है। बावजूद किसी भी गांव में आदेश के दो माह बाद भी पीड़ित किसानों को पात्रता पर्ची जारी नहीं की गई है। ऐसे में इन किसानों का दो माह का खाद्यान्न का क्या हुआ, किसी को पता नहीं है।
यह था आदेश में
आदेश के मुताबिक सूखाग्रस्त तहसील के पीड़ित पात्र हितग्राहियों को मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना के तहत प्राथमिकता परिवार में शामिल किया जाना था, जिसमें 50 प्रतिशत या उससे अधिक नुकसानी हो। तहसीलदार द्वारा सूची बनाकर (ऐसे परिवार जिन्हें सार्वजनिक वितरण प्रणाली में किसी भी श्रेणी में शामिल न किया गया हो) दिसंबर से अक्टूबर 2016 तक इन्हें जनपद पंचायत के माध्यम से पात्रता पर्ची उपलब्ध कराना थी। पात्रता पर्ची में वैधता अवधि का भी उल्लेख करना था।