सर्द हवाओं से फसलों को राहत
शहरका दो दिन में 2 डिग्री सेल्सियस पारा गिरने से ठंड बढ़ गई है। शनिवार को जहां अधिकतम तापमान 29 डिसे न्यूनतम 14 डिसे रहा। वहीं सोमवार को यही पारा अधिकतम 27 डिसे न्यूनतम 12 हो गया। सर्द हवाओं की दस्तक से फसलों को राहत मिली है। इससे किसानों के चेहरे पर खुशी छा गई है। ठंड का असर अब सुबह-शाम के साथ दिन में भी नजर रहा है। लोग दिन में भी गर्म कपड़ों का उपयोग करने लगे हैं। सर्द हवाओं ने लोगों के खान-पान को भी बदल दिया है। मॉर्निंगवाक जाने वाले लोग गर्म कपड़ों से खुद को ढक निकल रहे हैं।
चाय की चुस्की में अदरक का फ्लेवर बढ़ गया है। इससे बाजार में अदरक की मांग बढ़ी है। वहीं जलेबी-इमरती, गजक, गराड़ू और ड्राय फ्रूट्स की पूछपरख भी होने लगी है। कपड़ा दुकानों की फ्रंट आलमारी का स्टॉक बदल गया है। अन्य कपड़े अंदर और गर्म कपड़े बाहर सजा दिए हैं। ठंड ने सबसे बड़ी राहत किसानों को दी है। बोवनी के बाद से अपेक्षाकृत कम ठंड पड़ने और दिन में तीखी धूप के कारण रबी फसल के उत्पादन को लेकर चिंता बढ़ गई थी। ठंड ने फसलों को सहारा दिया है। गेहूं और चने दोनों फसलों के लिए किसान ठंड को बेहतर बता रहे हैं।
मरीजोंकी संख्या बढ़ी
तराना | ठंडशुरू होते ही गर्म कपड़े में लोग दिखने लगे हैं। मौसम की रंगत से सर्दी, जुकाम, खांसी से संबंधित मरीजों में इजाफा हो रहा है। दुकानों पर नॉवेल्टी आयटमों की सजावट ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं। मौसम को देखते हुए ड्रायफ्रूट, गजक, खजूर, दूध, जलेबी, गराड़ू सहित चाय दुकानों पर भी मांग बढ़ने लगी है। इधर फसलों को भी जीवनदान मिल रहा है। अल्पवर्षा का दंश झेल रही फसल को ठंड से बढ़त में सहायता मिलने लगी है। किसानों के मुताबिक अगर ठंड समय पर प्रारंभ हो जाती तो उत्पादन पर भी इसका असर पड़ता। देर से ठंड प्रारंभ होने से फसलों का उत्पादन भी प्रभावित होगा।