भगवान को भय से नहीं भाव से मानें : दधीच
खातेगांव. व्यासपीठ की पूजा करते हुए श्रद्धालु
इंद्रप्रस्थ गार्डन मंे श्रीमद भागवत कथा का समापन
खातेगांव|आजकलज्यादातर लोग स्वार्थवश मित्रता करते हैं। संसार की मित्रता लंबे समय तक नहीं चलती। जीवन अनमोल है। क्षण-क्षण प्रभु की भक्ित में उपयोग करना चाहिए। प्रभु को भय से नहीं भाव से मानें। यह बात पंडित ललितकिशोर दधीच ने कही।
समापन पर आयोजक संदीपसिंह तोमर, सूरतसिंह करताना, कैलाश व्यास, आशीष सावनेर, मुकेश सरवर, शिवप्रसाद साहू, अजयसिंह तोमर, पूर्व पार्षद प्रदीप साहू, कुलदीप सोनी, गणेश साहू, भूरा साहू, नर्मदा साहू, जगदीश साहू सहित अनेक लोगों ने व्यासपीठ का पूजन किया। पूर्णाहुति के साथ महाप्रसादी का वितरण किया गया। प्रदीप यादव, संदीपसिह तोमर, प्रदीप साहू ने आभार माना।
भगवानको भक्त प्यारा है वैभव नहीं- भगवानको भक्त प्यारा होता है। वैभव नहीं। निर्धन सुदामा भगवान का सच्चा मित्र भक्त था। कृष्ण नाम स्मरण उसकी सांस का क्रम था। उक्त विचार ग्राम खारदा में स्व. कमलादेवी राजावत की स्मृित में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का रसपान कराते हुए पं. राजेश व्यास तिवड़िया ने कही। सरपंच नरेंद्र राजावत, राजंेद्र सिंह राजावत, वीरेंद्र राजावत, लोकेंद्र राजावत आदि ने व्यासपीठ की पूजा की।
धर्मशालानिर्माण के लिए चेक दिया
खातेगांव| तीर्थस्थल नेमावर में राजपूत समाज की धर्मशाला निर्माण के लिए राजावत परिवार द्वारा पूर्वजों की स्मृति में(1 लाख 53 हजार रु.) की राशि को चेक दिया। श्रीमद् भागवत कथा के समापन पर राजावत परिवार के अमरसिंह, हरिसिंह, बनेसिंह, सुरेंद्रसिंह, नरेंद्रसिंह, लोकेंद्रसिंह, राजेंद्रसिंह, महेंद्रसिंह, जितेंद्रसिंह, राजपालसिंह ने समारोह में आए सिहोर भाजपा जिलाध्यक्ष रघुनाथसिंह भाटी, पूर्व विधायक कैलाश कुंडल, पृथ्वीसिंह रजापुर, प्रदीपसिंह बोरखेड़ा, मिनाक्षीदेवी सिसौदिया, तेजपाल राणा, लक्ष्मीनारायण पंवार, अजीतसिंह, भारतसिंह परिहार, त्यागी महाराज का सम्मान किया गया। संचालन रायसिंह तोमर ने किया। आभार राजेंद्रसिंह राजावत ने माना। ग्राम खारदा में व्यासपीठ के पास कबीर भजन गायक दयाराम सरोल्या ने भजन गाए।