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जिला अस्पताल ने कहा: बीएमसी में कराया था प्रसव तो वहीं से मिलेगी राशि
प्रसूता की सास 25 दिन से भटक रही है राशि लेने
हैल्थरिपोर्टर | सागर
बुंदेलखंडमेडिकल कॉलेज में प्रसव कराने वाली प्रसूताओं को एक से डेढ़ महीने के बाद भी शासन की जननी सुरक्षा योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कॉलेज ने प्रकरण बनाकर जिला अस्पताल भेज दिया। यहां से संबंधित कर्मचारी उन्हें वापस बीएमसी भेज रहे हैं। प्रसूताओं के परिजन राशि के लिए दोनों अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं।
खुरई निवासी किरण पति धनराज प्रजापति को प्रसव के लिए 16 जनवरी को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। उसका 17 जनवरी को सीजर किया गया था। 26 जनवरी को किरण को डिस्चार्ज करते हुए जननी सुरक्षा का प्रकरण बनाकर बीएमसी के अधिकारियों ने जिला अस्पताल भेज दिया था। उनसे कहा गया था कि डफरिन अस्पताल से जननी सुरक्षा योजना की 14 सौ रुपए की राशि मिलेगी।
जिला अस्पताल में कई दफा चक्कर काटने के बाद भी राशि तो नहीं मिली और शनिवार को संबंधित कर्मचारियों ने कहा कि प्रसव बीएमसी में हुआ था तो योजना की राशि का चेक भी वहीं से मिलेगा। परिजनों को मेडिकल कॉलेज भेज दिया। प्रसूता किरण की सास कमला बाई विट्ठल नगर वार्ड की कुसुमरानी सेन ने बताया कि मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल कई बार जा चुके हैं। फिर भी जननी सुरक्षा योजना की राशि का चेक नहीं मिल पा रहा है। इसी तरह दर्जनों प्रसूताओं के परिजन परेशान हो रहे हैं।
Ãसीएमएचओ कार्यालय से हमें 10 लाख रुपए की राशि का चेक जननी सुरक्षा योजना का लाभ देने के लिए मिल गया है। नए सिरे से नोडल अधिकारी को बनाने, बैंक अकाउंट वगैरह खुलवाने की प्रक्रिया में कुछ समय लग रहा है। वैसे 31 जनवरी तक के प्रकरण जिला अस्पताल से स्वीकृत कराने के लिए सिविल सर्जन को पत्र लिख रहे हैं। 1 फरवरी से बीएमसी के सभी प्रकरणों का हम ही भुगतान करेंगे। -डॉ. एसपी सिंह, सहायक अधीक्षक, बीएमसी, सागर
Ãएनआरएचएमके तहत करीब 15 दिन पहले 10 लाख रुपए का चेक बीएमसी को भेजा गया था। हमें निर्देश मिले थे कि बीएमसी में हुए प्रसव के प्रकरणों की जननी सुरक्षा की राशि बीएमसी से दी जाएगी। यदि कुछ समस्या है और बीएमसी प्रबंधन पत्र देते हैं या मौखिक चर्चा करते है तो 31 जनवरी तक के प्रकरणों में हम जिला अस्पताल से भुगतान करा देंगे। लोगों को परेशानी हो इसका ध्यान रखा जाएगा। -डॉ. इंद्राज सिंह, सिविल सर्जन, सागर