नम्रता से ही ईश्वर को मनाया जा सकता है
महिदपुर रोड| मनुष्ययदि अंहकार को त्याग कर ईश्वर से नम्रता पूर्वक अर्चना करता है तो उसकी करूणामयी पुकार ईश्वर से उसे मिला देती है। रामचरित्र मानस हमें अंहकार को त्याग कर नम्रता का संदेश देता है। यह प्रवचन स्कूल काम्लेक्स में चल रही श्री राम कथा के तीसरे दिवस पर ब्यावर राजगढ़ के समीप कर्णवास के शर्मा बंधु हरिओम भारद्वाज ने संगीतमय कथा के दौरान कहे। इस अवसर पर आपने रामायण में हनुमानजी के कार्यों का विस्तार पूर्वक वर्णन करते हुए भक्तों का मार्ग दर्शन किया। उन्होंने बताया कि रावण बुध्दिमानी योध्दा था परंतु उसके अंहकार ने स्वयं के साथ कुल का भी विनाश ईश्वर के हाथों से कराया। संगीतमय कथा के दौरान टीवी कलाकार विवेक भारद्वाज के भजनों ने भक्तों मन मोह लिया। कथा प्रतिदिन रात्रि में 8 बजे से 10 बजे तक हो रही है कथा सात दिनों तक चलेगी। यह आयोजन श्री राम भक्त समाज महिदपुर रोड के तत्वावधान में आयोजित की जा रही है। जानकारी समाज अध्यक्ष प्रहलाद धारविया ने दी।