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गर्भवती की मौत, गांव के सभी लोगों की जांच

6 वर्ष पहले
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साढ़े पांच हजार की कारगर दवा टेमी फ्लू कैप्सूल अस्पतालों में दे रहे मुफ्त

पुष्टि के लिए रिपोर्ट आने का इंतजार

हेल्थरिपोर्टर | नागदा/उन्हेल

ग्रामगुराड़िया सांगा में एक गर्भवती महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य महकमे ने पूरे गांव की जांच कराई है। साथ ही अस्पताल में स्वाइन फ्लू की दवाइयों का स्टॉक भी कर लिया है। गौरतलब है ग्राम उमरिया में स्वाइन फ्लू की पॉजीटिव रिपोर्ट आने के बाद से ही स्वास्थ्य महकमा अलर्ट है। ग्राम उमरिया गुराड़िया सांगा के बीच करीब 2 किमी की ही दूरी है। इसे लेकर भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव में मरीजों का परीक्षण किया जा रहा है।

ग्राम गुराड़िया सांगा निवासी 27 वर्षीय गर्भवती महिला को खांसी निमोनिया की शिकायत होने पर उसका उपचार महिदपुर के एक निजी चिकित्सक के यहां चल रहा था। उपचार के बाद भी ठीक नहीं होने पर उसे उज्जैन वहां से इंदौर रैफर किया गया था। इंदौर के अरविंदो अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। संभावना जताई जा रही है कि गर्भवती महिला की मौत स्वाइन फ्लू से हुई है। स्वास्थ्य महकमा पुष्टि के लिए जांच रिपोर्ट आने का इंतजार कर रहा है। बावजूद बीएमओ डॉ. संजीव कुमरावत ने गुराड़िया सांगा टीम भेजकर पूरे गांव महिला के परिजनों की जांच की है। इसमें स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले मरीज नहीं मिले है।

मलेरियाके मामले में अतिसंवेदनशील है ग्राम

क्षिप्रानदी किनारे बसे गांव गुराड़िया सांगा को मलेरिया के मामले में अतिसंवेदनशील माना जाता है। उक्त गांव के मरीज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सबसे अधिक पहुंचते हैं, जिसमें मलेरिया के मरीज अधिक होते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक नदी किनारे गांव होने से यहां मच्छरों की भरमार रहती है। ग्राम पंचायत भी समय पर दवाई का छिड़काव नहीं करती है, जिससे ग्रामीणजन बीमार होते हैं।

मरीजकी हालत में सुधार

नागदाके मरीज में स्वाइन फ्लू के लक्षण होने पर उसे उज्जैन रैफर किया गया था। डॉ. कुमरावत के मुताबिक उक्त मरीज में स्वाइन फ्लू के लक्षण होने पर उसे माधवनगर अस्पताल भेजा गया था। जहां से ब्लड सेंपल जबलपुर जांच के लिए भेजा गया है। फिलहाल रिपोर्ट नहीं आई है। अभी हालत में काफी सुधार है।

केंद्र को मिली एडवांस लाइफ एम्बुलेंस

प्राथमिकस्वास्थ्य केंद्र के पास अभी तक 108 बेसिक लाइफ एम्बुलेंस ही थी। इसके माध्यम से मरीज को मात्र उज्जैन तक ही पहुंचाया जा सकता था। केंद्र को अब एडवांस लाइफ एम्बुलेंस मिली है। इससे मरीज को वेंटीलेटर पर इंदौर तक पहुंचाया जा सकेगा। चित्रमेंनई एम्बुलेंस को देखते बीएमओ डॉ. कुमरावत।