नाट्य से करेंगे भगवान पार्श्वनाथ प्रभु के पंचकल्याणक का मंचन
महिदपुर मार्ग स्थित नाकोड़ा पार्श्वनाथ जैन मंदिर में पांच दिवसीय जिनेंद्र भक्ति महोत्सव के साथ 17 फरवरी बुधवार को अंजनशलाका व प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव राष्ट्रसंत आचार्य लेखेंद्र सूरीश्वर मसा, मुनि मृगेंद्रविजय मसा, साध्वी अनंतगुणा श्रीजी मसा, अक्षतगुणाश्रीजी मसा, समकितगुणा श्रीजी, भवितगुणाश्रीजी मसा आदि साध्वीमंडल की निश्रा में होगा। आयोजन की शुरुआत 13 फरवरी से जल यात्रा के साथ होगी।
महोत्सव के तहत गीताश्री गार्डन में प्रतिदिन महापूजन के साथ दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक नाट्य के माध्यम से भगवान पार्श्वनाथ प्रभु के पंचकल्याणक का मंचन किया जाएगा। कार्यक्रम में नवयुवक, बालिका व महिला मंडल भगवान के माता-पिता, इंद्र सभा, जन्म, दीक्षा, केवलज्ञान व निर्वाण कल्याण की प्रस्तुतियां देगी। कार्यक्रम के सूत्रधार देवेश भाई जैन मोहनखेड़ा होंगे।
ये भी होंगे आयोजन
16 फरवरी को नाकोड़ा पार्श्वनाथ जैन मंदिर से रथयात्रा निकलेगी। रथयात्रा में स्थापित होने वाली प्रतिमा को रथ में नगर भ्रमण कराया जाएगा। रथयात्रा नगर के प्रमुख मार्ग से होती हुई पुनः मंदिर परिसर पहुंचकर धर्मसभा के रूप में बदलेगी। धर्मसभा में आचार्यश्री दीक्षा कल्याणक व केवलज्ञान कल्याणक की महत्ता पर प्रकाश डालेंगे। रात 9 बजे मंदिर परिसर में सोलह पात्र विधान व मध्य रात्रि में आचार्यश्री प्रतिमा को 12 प्रकार की विशेष मुद्रा का दर्शन कराकर अंजनश्लाका करेंगे। 17 फरवरी को आचार्यश्री की निश्रा में लाभार्थी परिवार की ओर से प्रतिमा की प्रतिष्ठा के साथ दोपहर 12.39 बजे बृर्हत शांति स्नात्र पूजन होगा। 18 को सुबह 6 बजे मंदिर का प्रथम द्वार उद्घाटन होगा।
अंजनशलाका व प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव 17 को