नलकूप अधिग्रहण, टैंकरों से पानी की व्यवस्था
शिप्रा नदी के सूखने के बाद नगर में जलसंकट ने दस्तक दे दी। इसके चलते नगर पालिका प्रशासन द्वारा दो दिन छोड़कर जलप्रदाय किया जा रहा है। इससे रहवासियों की परेशानी बढ़ गई है। वर्तमान में टैंकरों से पानी की पूर्ति कर सप्लाय की जा रही है।
जिम्मेदारों के समय पर सजग नहीं होने के कारण नगरवासियों को जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। अवैध सिंचाई के चलते जनवरी में शिप्रा नदी सूख गई। जिसे देखते हुए नगर पालिका द्वारा 30 जनवरी से एक दिन छोड़कर जलप्रदाय शुरू किया गया। करीब 8 दिनों बाद ही पानी की स्थिति देख 9 फरवरी से दो दिन छोड़कर जल वितरण का निर्णय लिया गया। अचानक दो दिन छोड़कर जारी हुए फरमान से रहवासियों की फजीहत हो गई। इधर नगर पालिका द्वारा जल प्रबंधन के तहत नलकूप अधिग्रहण की कार्रवाई करते हुए टैंकरों से फिल्टर प्लांट पर पानी की व्यवस्था की जा रही है। नगर में रोजाना करीब 40 लाख लीटर पानी की आवश्यकता होती है। लेकिन पर्याप्त व्यवस्था के अभाव में नगर को दो भागों में बांटते हुए 20 लाख लीटर पानी करीब 200 टैंकरों के माध्यम से एकत्रित कर वितरित किया जा रहा है।
इससे मिल सकती है राहत- नगर को जलसंकट से शीघ्र राहत की उम्मीद अब केवल उज्जैन से आने वाले पानी से है। इसके छोड़ने की घोषणा तो कब से हो गई, लेकिन अभी तक छोड़ा नहीं गया। यदि यह पानी छोड़ दिया जाता है तो नपा के साथ रहवासियों को दिक्कतें कम हो जाएगी। गत वर्ष भी गर्मी के समय में उज्जैन से आए पानी ने राहत दी थी।
नदी में पानी की स्थिति देख प्रशासन को अवगत कराया था। नल-जल योजना में कुछ स्थानों पर दिक्कत है, जिसमें सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं अन्य जलस्रोत से व्यवस्था करते हुए रहवासियों को परेशान नहीं होने देंगे। कय्यूम नागौरी, अध्यक्ष नपा, महिदपुर
वर्तमान में नलकूप अधिग्रहण के साथ टैंकरों से पूर्ति की जा रही है। उज्जैन से आने वाले पानी को जल्दी छोड़ने के लिए मांग की जा रही है। आर.एल. मुनिया, प्रभारी सीएमओ, महिदपुर
उज्जैन से जल्द पानी छोड़ने के लिए नगर पालिका परिषद से मिले पत्र के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर प्रयास किया जाएगा। जगदीश गोमे, एसडीएम, महिदपुर
करोड़ों की नल-जल योजना फेल
नगर में करोड़ों रुपए खर्च कर बिछाई गई नई पाइप लाइन फेल साबित हो रही है। योजना की सच्चाई जलसंकट के समय सामने आ रही है। भरपूर पानी के समय तो सबकुछ ठीक रहा, लेकिन अब कई स्थानों पर पानी बराबर नहीं पहुंचने की दिक्कत हो रही है। दो दिन छोड़कर करीब 30 मिनट जलप्रदाय हो रहा है। इसमें अंतिम छोर व ऊंचाई वाले पाइंटों पर 10 से 15 मिनट का पानी मिल रहा है। इससे वहां के निवासियों की पूर्ति होना असंभव है। वहीं कुछ कॉलोनी में तो कई दिनों से पानी पहुंचना बंद हो गया। पानी का दबाव भी नहीं के बराबर है। इन स्थानों पर निजी नलकूप लोगों का सहारा बने है।
फिल्टर प्लांट पर टैंकरों से हो रही व्यवस्था।