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दस्तक के बाद भी प्रशासनिक अमला सुस्त

6 वर्ष पहले
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लाखाखेड़ी के ग्रामीण की हो चुकी है मौत

महिदपुर| क्षेत्रमें स्वाइन फ्लू की दस्तक के बाद भी प्रशासन के सुस्त रवैये को देख रहवासी चिंतित है। जबकि क्षेत्र के एक ग्रामीण की मौत हो चुकी है। तहसील में प्रकोप को देखते हुए हड़कंप है। समीपस्थ ग्राम लाखाखेड़ी नाहरपुर में एक की इस बीमारी से मौत हो चुकी है। स्थानीय स्तर पर प्रशासन किसी भी दृष्टि से सजग नहीं दिख रहा है। स्वाइन फ्लू का प्रमुख कारण सूअर बताया जाता है। इसके बाद भी नगर में सुअरों की संख्या में कोई कमी नहीं दिख रही है। तहसील में जागरूकता को लेकर कोई प्रयास नहीं दिख रहे हैं। रहवासियों ने प्रशासन से जागरूकता अभियान के साथ सुअरों को नगर से दूर करने की मांग की है।

लाखाखेड़ीमें हो रहा सर्वे- ग्रामलाखाखेड़ी स्वाइन फ्लू के एक मरीज की 4 फरवरी को मौत हो गई। इसके बाद से स्वास्थ्य विभाग का अमला ग्राम में सर्वे कर रहा है। मेडिकल ऑफिसर डॉ. दिनेश सक्सेना ने दौरा कर जानकारी ली।

अभिभाषकसंघ ने एसडीएम को ज्ञापन दिया

स्वाइनफ्लू से मौत के बाद शुक्रवार को अभिभाषक संघ ने एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। संघ के अध्यक्ष संजय निर्वाणी ने बताया नगर में सुअर स्वछंद विचरण पर रोक लगना चाहिए। नपा, स्वास्थ्य विभाग संबंधित विभागों को बीमारी की रोकथाम के संबंध में उचित अभियान चलाना चाहिए। इससे स्वाइन फ्लू जैसी बीमारी की रोकथाम की जा सके।

जागरूकतारैली में नहीं दिखे जिम्मेदार

झारड़ा| ग्राममें स्वाइन फ्लू की रोकथाम जागरूकता के संबंध में रैली निकाली। इसमें जिम्मेदारों की उपस्थिति केवल दिखावटी रही। गुरुवार दोपहर 4 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से रैली आरंभ हुई। इसमें जिम्मेदार चिकित्सक केंद्र के द्वार तक आए और लौट गए। रैली में सिर्फ आशा कार्यकर्ता, एएनएम आदि शामिल हो ग्राम के प्रमुख मार्गों से निकली। इसमें स्वाइन फ्लू से रोकथाम संबंधी नारे लगाए।

^स्वाइन फ्लू के संबंध में स्वास्थ्य अमले की बैठक झारड़ा में रखी है। इसमें शिविर जागरूकता के संबंध में चर्चा की जाएगी। अभिषेकगेहलोत, एसडीएम, महिदपुर