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सूरत हड़ताल का असर दुकानों पर प्रिंटेड साड़ियों का स्टॉक खत्म

4 वर्ष पहले
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जीएसटी के खिलाफ 19 दिन से सूरत में हड़ताल के चलते जिले में साडियां नहीं आ पाई है। व्यापारियों के पास स्टॉक खत्म होने को है। ऐसे में राखी के त्योहार पर साडिय़ों के भाव और बढ़ सकते हैं। नीमच, मनासा और जावद क्षेत्र में साडिय़ों की करीब 1 हजार दुकानें हैं। जहां सूरत, कोलकाता और जयपुर से साडिय़ां आती है। नीमच क्षेत्र में हर रोज करीब 20 लाख,मनासा क्षेत्र में करीब 15 लाख तथा जावद क्षेत्र में 5 लाख रुपए की साडियां पहुंचती थी। 24 जून से जीएसटी के विरोध में सूरत का कपड़ा बाजार बंद है। इसके कारण जिले में साडिय़ों का स्टॉक नहीं आ रहा। 19 दिन से व्यापारी स्टॉक में रखे माल को बेच रहे हैं। हालांकि वर्तमान में ग्राहकी का भी असर है। जिले में प्रतिदिन 30 लाख रुपए का कारोबार होता था जो 7 लाख रुपए पर सिमट गया है। व्यापारी मनोहरसिंह लोढ़ा ने बताया जीएसटी का प्रभाव साड़ी व्यापार पर पड़ा है। साड़ी बनने में 17 प्रकार की प्रक्रिया की जाती है। जीएसटी प्रत्येक प्रक्रिया पर लगा दिया। इसका सूरत के व्यापारी विरोध कर रहे हैं। नीमच में रोजाना एक ट्रक माल आता था जिसकी कीमत करीब 20 लाख रुपए होती थी। हड़ताल के कारण करीब साढ़े छह करोड़ का माल शहर में नहीं पहुंचा है। हड़ताल खत्म नहीं हुई तो राखी पर बाजार में साडिय़ों की कमी रहेगी।

प्रिटेंड साड़ियों का स्टॉक व नई साड़ियों नहीं होने से इस तरह बैठे रहते हैं दुकानदार।

राखी पर महंगी मिलेंगी साडियां

साडिय़ों की कमी का असर राखी दिखाई देगा। स्टॉक में रखी साडिय़ों की कीमत बढ़ जाएगी। बाजार का अनुमान है 500 रुपए में मिलने वाली साड़ी 800 रुपए में मिलेगी। ऊंचे दामों की साडिय़ों के दाम भी बढ़ जाएंगे।

कोलकाता-जयपुर से आ रहा माल
सूरत से माल नहीं आने से प्रिंटेड साडिय़ों की कमी हो गई है। इस कारण ग्राहकों को मनपंसद साड़ी नहीं मिल रही है। हालांकि शहर में कोलकाता और जयपुर से साडियां आ रही है लेकिन महिलाएं सूरत की साड़ियां ज्यादा पसंद है। स्मिता जोशी ने बताया बेटी को साड़ी गिफ्ट करना था लेकिन पुरानी डिजाइन की साडियां ही मिल रही है।

हड़ताल खत्म होने पर काम शुरू होने में लगेगा एक महीना
सूरत में बाजार बंद हाेने के साथ व्यापारियों ने कच्चे माल की खरीदी बंद कर दी है। साड़ी बनाने वाले भी छुट्टी पर हैं। साड़ी व्यापारी सुरेश राठौर ने बताया हड़ताल खत्म होने के बाद राखी पर नई साडियां बाजार में नहीं आ पाएगी। साडियां बनाने में करीब एक महीने का समय लगेगा और फिर बाजार में नया माल आ पाएगा।

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