ब्याज और पेनल्टी में छूट, होगा निराकरण
विधिकसेवा प्राधिकरण मेगा लोक अदालत का आयोजन 13 दिसंबर को करेगा। इसमें राजीनामा योग्य 20 हजार से ज्यादा प्रकरण निराकरण के लिए रखे जाएंगे। इसमें प्रकरणों का निराकरण करने के साथ ही ब्याज पेनल्टी में छूट भी प्रदान की जाएगी।
मेगा लोक अदालत में 27 खंडपीठ के माध्यम से प्रकरणों का निराकरण होगा। इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने तैयारी की है। इसमें राजीनामा योग्य सिविल अपराधिक मामलों, बैंक, बीमा, विद्युत राजस्व विभाग से संबंधित प्रकरणों काे निराकरण किया जाएगा। इसके लिए नीमच जिला न्यायालय में 16 जावद-मनासा तहसील न्यायालय पर 6-6 खंडपीठ लगेंगी। इस मामले में न्यायालयों में उपस्थित होने के लिए पक्षकारों को नोटिस भी जारी किए हैं।
इनमामलों की सुनवाई- मेगालोक अदालत में शमनीय आपराधिक प्रकरण, चेक अनादरण के मामले, मोटर दुघर्टना दावे, रेलवे, राजस्व, वैवाहिक या कुटुंब न्यायालय, वन अधिनियम, छावनी बोर्ड , किराया, बैंक वसूली, सुखाधिकार, मनरेेगा, बिजली कंपनी, बिजली चोरी, विक्रयकर, आयकर, अप्रत्यक्षकर, वेतन, भत्ते, पेंशन, श्रम विवाद, बीमा क्लेम, उपभोक्ता, रेलवे बोर्ड, भूमि अधिग्रहण, प्राकृतिक आपदा, बाढ़, भूकंप, दंगे से आदि प्रकरण।
प्रकरणों की संख्या
प्रकार प्रकरण
विद्युतचोरी/बकाया 8000
आपराधिक 4000
संपत्ति/ जलकर 4000
सिविल 2200
बैंक वसूली 2000
राजस्व संबंधी 100
मुआवजा 100
प्रतिबंधात्मक कार्रवाई 350
दुर्घटना बीमा 40
^मेगा लोक अदालत में जिले 27 खंडपीठों में 20 हजार से ज्यादा प्रकरण रखे जाएंगे। इनको निराकृत करने का लक्ष्य है। सुभाषचाैधरी, जिलाविधिक सहायता अधिकारी।
20 हजार से ज्यादा प्रकरण होंगे निराकृत
कोर्ट गेट पर लगा लोक अदालत का बैनर।