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रुक्मिणी को लेने श्रीकृष्ण स्वयं देवी मंदिर आए

6 वर्ष पहले
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देवीरुक्मिणी ने मन ही मन श्रीकृष्ण का वरण कर लिया था। अपने मन की बात पत्र के माध्यम से श्रीकृष्ण तक पहुंचाई तो भगवान स्वयं उन्हें लेने देवी मंदिर पहुंचे।

यह बात श्रीमद भागवत कथा में श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह के प्रसंग में पं.मुकेश शर्मा ने कही। रविवार को चिंताहरण हनुमान मंदिर में दोपहर करीब 12 बजे से कथा शुरू हुई। पं. शर्मा ने कहा भगवान भक्तों की पुकार पर आते हैं और संकट हरते हैं। हम परेशानी में हों, संकट में हों, दु:ख में हों तब भगवान को सच्चे मन से पुकारें। वे हमारे दुु:ख हर लेते हैं। देवी रुक्मिणी का विवाह उनके पिता ने कहीं और तय कर दिया था। वे श्रीकृष्ण को पति मान चुकी थीं। ब्राह्मण के हाथ भगवान को पत्र भेजा और देवी मंदिर पूजन करने पहुंची। भगवान रथ लेकर मंदिर आए आैर रुक्मिणी को लेकर द्वारिका पहुंचे। धूमधाम से श्रीकृष्ण का विवाह हुआ।

धनगरगायरी समाज की बैठक 15 को- मंदसौर|धनगरगायरी समाज की बैठक रविवार को मेनपुरिया स्थित आश्रम में हुई। मीडिया प्रभारी राजकुमार धनगर ने बताया अध्यक्षता विक्रम विद्यार्थी ने की। समाज जिलाध्यक्ष प्यारचंद धनगर, बद्रीलाल धनगर, विनोद धनगर, राजाराम ने विचार व्यक्त किए। सामूहिक विवाह 25 अप्रैल को दलौदा में करने का निर्णय लिया।