- Hindi News
- इलाज से असंतुष्ट, बच्चे को नर्सिंगहोम ले गए
इलाज से असंतुष्ट, बच्चे को नर्सिंगहोम ले गए
मनासाके सरकारी अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में चार दिन से भर्ती एक बच्चे के इलाज में लापरवाही बरतने का मामला सामने आया है। यहां से बच्चे को जिला अस्पताल रैफर किया गया। यहां के इलाज से संतुष्ट नहीं होने पर परिजन उसे नर्सिंगहोम ले गए। उन्होंने इलाज में लापरवाही की शिकायत कलेक्टर से की है।जिला महिला एवं बाल विकास विभाग स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण जिले में कुपोषण पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। बुधवार को ऐसे ही मामला सामने आया। मनासा अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती साढ़े छह महीने के आयुष पिता बाबूलाल रावत नि. हनुमंतिया की तबीयत मंगलवार रात करीब 8 बजे बिगड़ गई। यहां से उसे जिला अस्पताल रैफर किया। परिजन उसे रात में ही जिला अस्पताल लाए जहां सुबह डॉक्टर ने उसका परीक्षण किया। इलाज से असंतुष्ट परिजन बच्चे को बुधवार सुबह 10.30 बजे नर्सिंगहोम ले गए। उन्होंने कलेक्टर से शिकायत की जिस पर तहसीलदार गोपाल सोनी उनके बयान लेने नर्सिंगहोम पहुंचे। मरीज की मां संजूबाई ने बताया तबीयत बिगड़ने पर डॉ. आरके जोशी ने दवाई थी। इससे बच्चे के मुंह में झाग आने लगा और उसका पेट फूल गया।
दवाश्वास नली में जाने स्थिति बनी- मनासाएनआरसी प्रभारी डॉ. आरके जोशी ने बताया बच्चा अतिकुपोषित है। 5 फरवरी से वह पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती था। मंगलवार को दी दवाई श्वास नली में जाने से तबीयत बिगड़ी।
जानकारी नहीं दी
^कुपोषणदूर होने के बजाए बच्चे की तबीयत और बिगड़ गई। उसे निमोनिया हो गया। जिला अस्पताल में भी ठीक से इलाज नहीं हुआ। बाबूलालरावत, बच्चे के पिता
बिना बताए ले गए बच्चे को
^इलाजसे बच्चे की तबीयत में सुधार हुआ था। परिजन सुबह बिना बताए ही दूसरे अस्पताल ले गए। डॉ.बीएल रावत, शिशु राेग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल, नीमच
नर्सिंगहोम में कुपोषित बच्चे की मां संजूबाई से बयान लेते तहसीलदार।