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सब्सिडी खत्म, पानी मिलना बंद

7 वर्ष पहले
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क्षेत्रकी सिंचाई योजनाओं को मिलने वानी बिजली पर सरकार ने सब्सिडी देना बंद कर दी है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल रहा है। किसानों ने प्रदेश सरकार से सब्सिडी लागू करने की गुहार की है।

किसानों को सिंचाई के लिए गांधीसागर डूब क्षेत्र से पानी उपलब्ध कराने की योजना बनी थी। खानखेड़ी आंतरी में यह योजना लागू हुई और नहरें बनीं। खानखेड़ी नहर उदवहन से खानखेड़ी, कुंडला, कड़ी, नलवा, पिपपल्याखुर्द, भादवा, रतनपुरा, लसूडिया के साथ 11 गांवों के किसानों तक पानी पहुंचाना था। इसके लिए करीब 72 किलोमीटर अंडरग्राउंड पाइप लाइन डाली गई और नहरों से खेतों तक पानी पहुंचाया गया। आंतरी के किसानों के लिए आंतरी उदवहन सिंचाई योजना भी बनी। इसमें चार गांवों की करीब 363 हैक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई होनी थी। बिजली वितरण कंपनी ने 90 हार्सपॉवर का एक ट्रांसफार्मर लगाया। इस पर खर्च 2.87 लाख रुपए सालाना खर्च होंगे। बावजूद परियोजना बंद हैं। किसानों को पानी नहीं मिल पा रहा है।

नहींउठा पाई बिजली खर्च- सूत्रोंके अनुसार उदवहन सिंचाई समितियां बिजली खर्च नहीं उठा पा रही हैं। नतीजतन नहरें बंद हो गई हैं। किसान मुकेश डांगी गणपतसिंह ने बताया लाखों की लागत से बनी योजनाओं का लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। आंतरी उदवहन सिंचाई योजना समिति अध्यक्ष सौरभ पोरवाल ने बताया ट्रांसफार्मर लगाना काफी महंगा है। राशि की व्यवस्था नहीं हो पाई। खानखेड़ी उदवहन सिंचाई योजना समिति के जुझारसिंह डांगी ने बताया सब्सिडी खत्म होने से परेशानी हो रही है। नहरें बंद हैं सिंचाई के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है।

बिल बाकी होने से परेशानी

^सिंचाईयोजनाओं पर लाखों रुपए का बिजली बिल बाकी है। करीब 36 लाख रुपए बकाया हैं। इसलिए योजनाएं संचालन में परेशानी रही है। किसान शासन स्तर पर प्रयास कर रहे हैं। समस्या का हल वहीं से निकलेगा। संजयकोहद, एसडीओ-सिंचाई विभाग, रामपुरा

ऊर्जा सिंचाई मंत्री से मिले थे किसान

सिंचाईयोजनाओं को सब्सिडी वाली बिजली देने के लिए किसानों का प्रतिनिधिमंडल विधायक कैलाश चावला के साथ भोपाल पहुंचा। वे सिंचाई मंत्री जयंत मलैया ऊर्जा मंत्री राजेंद्र शुक्ल से प्रतिनिधि मंडल मिले मंत्रीद्धय ने किसानों को सिंचाई योजनाएं शुरू करने का आश्वासन दिया था।

क्षेत्र में सूखी नहरें।

आंतरी स्थित पोल जहां से बिजली सप्लाय होती थी