स्कूल दर्पण तालिका बनाने का आदेश हवा
सरकारीप्राइमरी और मिडिल स्कूलों में शालेय दर्पण तालिका बनाने के आदेश शिक्षा विभाग ने जारी किए थे। स्कूलों के जिम्मेदारों ने इन्हें डस्टबिन के हवाले कर दिया। जिले के किसी भी स्कूल में यह नजर नहीं रही है। नीमच, जावद, मनासा ब्लाकों में शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों की संख्या 1251 है इनमें से अधिकांश स्कूलों में शालेय दर्पण सूची नहीं लगाई गई है। स्कूलों में गतिविधियों का व्यवस्थित संचालन हो, इस उद्देश्य से शालेय दर्पण तालिका बनवाने का फरमान जारी किया गया था। सरपंच, महिला पंचों, पार्षदों आदि को स्कूल का निरीक्षण कर इस तालिका में यह अंकित करना था कि स्कूल नियमित खुलता है या नहीं। शिक्षक बच्चे समय पर आते हैं या नहीं। शिक्षक पूरे समय स्कूल में रहते हैं या नहीं, वे पढ़ाते हैं या नहीं। खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधि होती हैं या नहीं।
शिक्षकव्यवस्था से अंजान - कईशिक्षकों को इस बारे में जानकारी ही नहीं है। बीआरसी कार्यालय से भी जब इस बारे में संतोषप्रद जानकारी नहीं मिल सकी। डीपीसी आरआर सिकरवार ने कहा स्कूलों से जानकारी मांगी है। जहां नहीं है, वहां लगवाएंगे।