रुपए मांगने की मांगी रिपोर्ट
सरकारीअस्पताल में प्रसूताओं से प्रसव के बदले रुपए मांगने का मामला भोपाल पहुंच गया है। मामले में अस्पताल प्रबंधन से जवाब-तलब किया है। 7 सितंबर को मनासा के सरकारी अस्पताल में बनी की राजूबाई को प्रसव हुआ था। राजूबाई ने एक लड़की को जन्म दिया। प्रसव होने के बाद परिजन से ड्यूटी पर तैनात नर्सों और कर्मचारियों ने सुगनबाई से 300 रुपए मांगे थे। रुपए नहीं देने पर दवाइयां नहीं देने की बात कही थी। रुपए मांगने की बात पर प्रसूता के साथ परिजन सुगनबाई से अस्पताल के कर्मचारियों का विवाद हुआ। विवाद के आखिरकार सुगनबाई ने 150 रुपए लिए और तब प्रसूता की व्यवस्थाएं की। भास्कर ने प्रमुखता से उठाया और प्रसूता के परिजन ने ट्रोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराई। सीएमएचओ कार्यालय नीमच में भोपाल से जांच के आदेश आए हैं। सीएमएचओ कार्यालय से मनासा के सरकारी अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी किया है अस्पताल कार्यालय के अनुसार सुगनबाई की शिकायत पर जवाब-तलब किया है। प्रसव के दौरान ड्यूटी पर तैनात नर्सों और कर्मचारियों की जानकारी मांगी है। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर, नर्सें और कर्मचारियों के विषय में पूछा है। जल्द जानकारी सीएमएचओ कार्यालय भेजी जाएगी और वहां से जानकारी भोपाल जाएगी।
परिजन बाजार से लाए थे दवाइयां
प्रसवके बदले रुपए नहीं देने पर राजूबाई के इलाज के लिए इंजेक्शन बाजार के मेडिकलों से खरीद कर लाने पड़े। अस्पताल से राजूबाई को इंजेक्शन उपलब्ध कराए और दवाइयां। परेशान सुगनबाई बाजार से दवाइयां खरीदती रही। 300 रुपए के इंजेक्शन और दवाइयां वह बाजार के मेडिकलों से खरीद कर लाई थी। सुगनबाई ने मीडिया को सूचना दी और ट्रोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायतेंहुई लेकिन कार्रवाई नहीं
मेटरनिटीवार्ड में प्रसूताओं से रुपया लेने के मामले की शिकायतें पहले भी हो चुकी है लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। मेटरनिटी वार्ड में लड़की होने पर 300 और लड़का होने पर 500 रुपए लिए जाते हैं। रुपए मांगने की शिकायत करने वाली प्रसूताओं की देखरेख में लापरवाही बरती जाती है। हर बार मामला जांच में जाता है और शिकायतकर्ता से सुलह कर ली जाती है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार मामले में भोपाल स्तर से कोई कोई कार्रवाई होगी।
उच्चस्तर से होगी कार्रवाई
^प्रसूताओंसे रुपए मांगने की शिकायत में जवाब तलब किया है। ड्यूटी पर तैनात लोगों की जानकारी मांगी है।