जल्दी ही गति पकड़ेगा प्रोजेक्ट
चंबलेश्वरबांध से मनासा के लिए पानी लाने की योजना को पहले ही वित्तीय स्वीकृति मिल गई थी। इसी दौरान नगरीय निकाय चुनाव की आचार संहिता लागू होने से योजना अटक गई। नई परिषद के शपथ लेते ही योजना को गति मिलेगी।
सालों से नगर में दो दिन छोड़कर जल वितरण हो रहा था। दीपावली से एक दिन छोड़कर सप्लाई होने लगी। बावजूद नगरवासियों की आवश्यकता पूरी नहीं हो पा रही है। ऐसे में उन्हें पानी के लिए मशक्कत करना पड़ता है। इस समस्या को देखते हुए नगर परिषद ने प्रदेश शासन को एक प्रस्ताव भेजा। इसमें चंबलेश्वर बांध से मनासा तक पानी लाने के लिए दोहरी पाइप लाइन डालना प्रस्तावित है। अभी एक पाइप लाइन से पानी आता है।
स्वीकृतिअगले माह- चंबलेश्वरसे पाइप द्वारा पानी लाने के प्रोजेक्ट पर करीब 11 करोड़ 59 लाख रुपए की लागत का अनुमान है। इसकी वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है। अगले महीने प्रशासकीय स्वीकृति भी मिलने की संभावना जताई जा रही है। इसके साथ ही टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। प्रोजेक्ट 2015 तक आकार लेगा।
25 साल की योजना
प्रोजेक्टअगले 25 सालों तक की शहर की जरूरत के हिसाब से तैयार किया गया है। माना जा रहा है कि 204 तक नगर की आबादी तकरीबन 50 हजार हो जाएगी।
रोजपानी मिलेगा
^वित्तीयस्वीकृति मिल चुकी है। नए साल में काम शुरू हो जाएगा। योजना पूरी होने के बाद नगरवासियों को रोज पानी उपलब्ध हो सकेगा। आरएसिद्दीकी, सीएमओ-नगर परिषद, मनासा
ये काम होंगे
{चंबलेश्वर बांध में एक फिल्टर प्लांट बनाना।
{ बांध से नगर तक पाइप लाइन डालना।
{नगर के गली-मोहल्लों में मेन सप्लाई पाइप लाइन डालना।
{जलप्रदाय के लिए दो टंकियों का निर्माण।
{पुरानी पाइप लाइन बदलना घरों तक डालना।