72 घंटों से बंद बड़े वाहनों की आवाजाही
{आवना नाले का जलस्तर बढ़ा, जान जोखिम में डालकर निकल रहे लोग
भास्करसंवाददाता. टकरावद
करीब 100 गांवों को जोड़ने वाले आवना नाले की रपट पर पानी आने से 72 घंटों से बड़े वाहनों की आवाजाही बंद है। बावजूद कई लोग जान जोखिम में डालकर बाइक हाथ में लेकर निकल रहे हैं। नाले के बीच कई गड्ढे हैं। इससे हादसे की अाशंका है। ‘भास्कर’ ने 19 जून 2014 को ‘अावना नाले से रहेगा जोखिम’ शीर्षक से मामला उठाया था। इस बात को ढाई माह बीत गए लेकिन जिम्मेदारों ने वैकल्पिक प्लान तैयार नहीं किया। ऐसे में ग्रामीणों काे परेशानी झेलना पड़ रही है।
खड़पाल्या-अड़माल्या मार्ग पर पुलिया हाेने से आवना नाले की रपट पर 3.5 से 4 फीट पानी है। रोज 15 से 20 बसें यहां से गुजरती हैं लेकिन पानी के कारण गुरुवार से बसें बंद हैं। बाइक चालक जोखिम उठाकर वाहन हाथ में लेकर निकल रहे हैं। कुछ लोग मिलकर 20 रुपए में मोटरसाइिकल इस पार से उस पार ले जा रहे हैं।
3किमी का सफर 45 किमी में तब्दील, कई गांव प्रभावित- खजूरी,आंतरीमाता, रामपुरा, मनासा, कुकड़ेश्वर, झार्डा, भादवामाता के रहवासी इस रास्ते से टकरावद, बूढ़ा, मंदसौर, नाहरगढ़, बिल्लौद, सीतामऊ, सुवासरा, शामगढ़, गरोठ, बोलिया, भानपुरा के लिए जाते हैं। मार्ग बंद होने के कारण लोगों को 3 किमी का सफर 45 किमी होकर लोड़किया, महागढ़, नारायणगढ़ होकर आना पड़ रहा है। यहां से रोज आैसतन 500 लोग बाइक लेकर निकल रहे हैं। वाहनों के साइलेंसर में पानी भरने से स्टार्ट करने में भी परेशानी हो रही है। इन्हें सुधारने के लिए टकरावद, खजूरी, झार्डा तक की दूरी हाथ में वाहन ले जाते हुए तय करना पड़ती है। गरियाखेड़ा के प्रभुलाल, रामपुरा के ग्राम सोनड़ी के सत्यनारायण, अड़मालिया के लक्ष्मणसिंह ने बताया बाइक नाले से होकर निकाली तो वाहन स्टार्ट ही नहीं हो सका। पानी चला जाने से यह स्थिति बनी।
यहां ब्रिज की जरूरत
^पानी की आवक 100 मीटर की रपट तक है। समस्या का हल छोटी पुलिया से संभव नहीं। जलस्तर देखते हुए यहां ब्रिज की जरूरत है, जो ब्रिज काॅर्पोरेशन बना सकेगा। एसकेबंसल, कार्यपालनयंत्री लोनिवि
^ हमने शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा है, स्वीकृति के बाद बजट आएगा तो काम शुरू करा देंगे। यहां पर पानी की आवक अधिक है। शोभाखन्ना, कार्यपालनयंत्री ब्रिज कार्पोरेशन
^मैं लोनिवि से चर्चा करता हूं। जो भी वैकल्पिक व्यवस्था हो, वह कर रास्त