- Hindi News
- खरीदी केंद्र महागढ़ में, पैदावार गांवों में
खरीदी केंद्र महागढ़ में, पैदावार गांवों में
भास्कर संवाददाता | मनासा/आंतरी
समर्थनमूल्य गेहूं खरीदी के लिए प्रशासन महागढ़ को केंद्र बनाता रहा है। गेहूं की पैदावार आंतरी क्षेत्र में होती है। हर साल किसानों को गेहूं बेचने 50 किलोमीटर की आवाजाही कर जाना पड़ता है।
गांधीसागर डूब क्षेत्र में हर साल बड़े पैमाने पर गेहूं उत्पादन होता है। डूब क्षेत्र के किसान गेहूं आैर चने की बोवनी करते हैं। किसानों को समर्थन मूल्य गेहूं बेचने के लिए मनासा के पास महागढ़ के खरीदी केंद्र आना पड़ता है। आंतरी, सेमलीआंतरी, देथल, कुंडला,खानखेड़ी, प्रतापपुरा, चपलाना, मोखमपुरा, खजूरी, खेड़ा, खेमपुरा, देवरीखवासा और खेड़ी के साथ 15 गांवों में किसान गेहूं की खेती करते हैं। किसान हजारों क्विंटल गेहूं का उत्पादन करते हैं गेहूं बेचने के लिए उन्हें बड़ी परेशानी उठाना पड़ती है। जिला प्रशासन ने समर्थन मूल्य गेहूं खरीदी केंद्र महागढ़ में बनाया है। आंतरी से महागढ़ की दूरी 25 किमी है। किसानों को खेतों से उपज लेकर महागढ़ की दौड़ लगानी पड़ती है। क्षेत्र के किसान अंबालाल पाटीदार, बीएस चंद्रावत, रूपचंद और रामनारायण ने बताया पैदावार आंतरी में हो रही है। खरीदी महागढ़ में। किसानों की सुविधा के लिए आंतरी में गेहूं खरीदी केंद्र बनाया जाना चाहिए। किसानों की व्यर्थ दौड़भाग बचेगी। वाहनों से उपज ले जाने का खर्च नहीं लगेगा। महागढ़ केंद्र पर व्यवस्था के नाम पर कुछ नहीं रहता। किसानों से अवैध वसूली की जाती है। हर साल परेशानी भोगना पड़ती है।
विवादोंमेंं महागढ़ का केंद्र- हरसाल समर्थन मूल्य गेहूं खरीदी के दौरान महागढ़ का केंद्र हमेशा विवादों में रहता है। कभी केंद्र पर अचानक आग लगने की घटना हो जाना तो कभी किसानों के वाहनों को खाली होने से रोकना। हर बार विरोध होता है लेकिन केंद्र नहीं बदला। इस बार केंद्र नहीं बदलने पर किसानों ने सड़क पर उतर कर आंदोलन करने की चेतावनी दी है।
चर्चा करेंगे
^आंतरीमें समर्थन मूल्य खरीदी केंद्र बनाने के मामले में आलाधिकारियों से चर्चा की जाएगी। किसानों की परेशानी से अवगत कराया जाएगा। चर्चा कर हल निकाला जाएगा। नेहाभारतीय, एसडीएम,मनासा