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शुरू हो गई बांध के लिए समर्थन-विरोध की लड़ाई

5 वर्ष पहले
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नलखेड़ा के पास प्रस्तावित गांगनियाखेड़ी बांध निर्माण को लेकर क्षेत्र के गांव समर्थन और विरोध में बंट गए हैं। गांवों में बैठकों का दौर चल रहा है। किसान कलेक्टर के सामने अपनी-अपनी बात रखने की पर अड़े हैं। कोई बांध का विरोध कर रहा है तो कोई समर्थन।

नलखेड़ा पंचायत के विरोध प्रस्ताव पारित करने के बाद अब गांगनियाखेड़ी बांध के निर्माण के समर्थन में लोड़किया पंचायत ने प्रस्ताव पारित कर दिया है। पंचायत भवन में ग्रामीण जुटे और विशेष ग्रामसभा का आयोजन किया गया। प्रस्ताव में कहा गया है गांगनियाखेड़ी बांध बनने से लाेड़किया और गांगनियाखेड़ी गांव के किसानों को लाभ होगा। क्षेत्र का जलस्तर बढ़ने के साथ ही किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इससे फसलों की पैदावार में बढ़ोत्तरी होगी। ग्रामीण तुलसीराम, बापूलाल, सुरेंद्र चौहान और रुस्तम खान का कहना है कि बताया जल संसाधन विभाग को बांध जल्द बनाना है। इसके लिए हमने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था। दोबारा कलेक्टर से मिलकर बांध बनवाने के प्रयास करेंगे। जहां लोड़किया पंचायत के लोग बांध निर्माण के पक्ष में हैं तो दूसरी ओर नलखेड़ा पंचायत विरोध में है। नलखेड़ा पंचायत के ग्रामीणों ने साफ कहा है कि वे किसी भी कीमत पर हम बांध बनने देंगे।

नलखेड़ा पंचायत विरोध में अड़ी- 10 फरवरी को नलखेड़ा पंचायत में विशेष ग्रामसभा हुई थी। इसमें बांध निर्माण के विरोध का प्रस्ताव पारित हुआ था। सरपंच रमेश पाटीदार का कहना है गांगनियाखेड़ी में जल संसाधन विभाग जलाशय बनाने की तैयारी कर रहा है जो हम नहीं बनने देंगे। गांव के रामचंद्र शर्मा, बंशीलाल कारपेंटर, जमनालाल राठौर, रामचंद्र पाटीदार,उषाबाई, कारूलाल दर्जी, सुनील राठौर, दशरथ जैन और रामप्रसाद पाटीदार ने बताया गांगनियाखेड़ी में जलाशय बनाने से गांव के करीब 60 किसानों की जमीन डूब में आ जाएगी। पानी भरने से उनके सामने खेती का संकट खड़ा हो जाएगा। इसलिए वे यह बांध नहीं बनने का विरोध कर रहे हैं।

ग्रामीणों की सहमति के बिना नहीं होगा काम
रामपुरा जल संसाधन एसडीओ संजय कोहद ने बताया नलखेड़ा के पास गांगनियाखेड़ी बांध निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए सर्वे कराया था लेकिन ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने बांध निर्माण का समर्थन भी किया है। लोगों की बिना सहमति के बांध का निर्माण नहीं होगा।

2012-13 में बनी थी बांध निर्माण की योजना
जल संसाधन विभाग ने 2012-013 में गांगनियाखेड़ी के नाले पर बांध निर्माण की योजना बनाकर सर्वे कराया। ग्रामीणों ने विरोध जताया तो अधिकारी लौट गए। 2016 में दोबारा से योजना के प्रस्ताव के पर काम शुरू हुआ तो समर्थन और विरोध में छोटे-छोटे गांव बंट गए।

आकली पंचायत बांध निर्माण के पक्ष में
बांध बनवाने के समर्थन में आकली पंचायत ने 2015 में प्रस्ताव पारित कर प्रशासन और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को सौंपा था। ऐसा ही प्रस्ताव पंचायत ने फिर पारित कर कलेक्टर को देने का निर्णय लिया है। पंचायत का तर्क है कि इसमें आकली, तुमड़ा, सोजावत व रूपावास गांव को लाभ होगा। इससे सिंचाई व फसल का रकबा बढ़ेगा।

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