आज स्वास्थ्य सुविधाओं की नब्ज टटोलेंगी प्रमुख सचिव
जिला अस्पताल में सफाई, नए डस्टबिन लगाए
नीमच | स्वास्थ विभाग की प्रमुख सचिव गौरी सिंह व आयुक्त पंकज अग्रवाल जिला जिले के शनिवार को प्रस्तावित दौरे को लेकर जिला अस्पताल में शुक्रवार कोदिनभर सफाई और तैयारियां चलती रहीं। जिला अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि सफाई रूटीन में हो रही है। यदि अधिकारी दौरे पर है तो कुछ तैयारी करना ही चाहिए। स्वास्थ विभाग की प्रमुख सचिव गौरी सिंह और आयुक्त पंकज अग्रवाल सचिव के आगमन को लेकर जिला अस्पताल में शुक्रवार को दिनभर सफाई से लेकर पोस्टर लगाने और सभी दस्तावेज व्यवस्थित रखने आदि की तैयारियां चलती रही। इस दौरान पुराने डस्टबिन हटाकर नए लगाए तो कहीं कोने में पड़ी गंदगी को एसिड हटाने का काम भी किया। सभी वार्डों के दिनभर में 8 से 10 बार पोछा लगाया गया। उनके आने से पहले शुक्रवार को अस्पताल अन्य दिनों की अपेक्षा चकाचक नजर आया। सीएमएचओ से लेकर सीएमओ, डाॅक्टर से लेकर नर्सिंगकर्मी सब अस्पताल की हालत सुधारने में लगे दिखे। कोई सफाई करवा रहा था तो कोई बेड के गद्दे-चद्दरें बदलता नजर आया। सीएमचओ का कहना है कि अस्पताल में अधिकारियों के आने की सूचना नहीं है। वे नयागांव और डिकने जाएंगे लेकिन उनके जिले में रहने से जिला अस्पताल में कुछ तैयारियां की जा रही है। वैसे सफाई तो रूटीन में ही की जाती है ।
जिला अस्पताल में पोस्टर लगवाते डॉक्टर।
मनासा की 30 हजार की आबादी और आसपास के 45 गांवों के लोग स्वास्थ्य सुविधा के लिए मनासा के सरकारी अस्पताल पर ही निर्भर हैं। सवा करोड़ की लागत के बने अस्पताल में सुविधाएं तो हैं लेकिन उनका लाभ मरीजों को नहीं मिलता। क्षेत्र में कहीं दुर्घटना हो, कोई आग से जल जाए, बाइक-साइकिल से गिर जाए, ऑपरेशन या प्रसव कराना हो तो लोगों को सीधे नीमच जिला अस्पताल रैफर कर दिया जाता है। मनासा के सरकारी अस्पताल आने वाले करीब 95 फीसदी मरीजों को रैफर करना पड़ रहा है।
सफाई कर्मचारी ज्ञापन देंगे- जिले के सरकारी अस्पतालों की सफाई व्यवस्था दो साल से ठेके पर है। गुरुवार को 48 कर्मचारियों को बिना नोटिस दिए हटा दिया गया। इससे त्रस्त कर्मचारी शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेंगे।
मनासा अस्पताल बना रैफर केंद्र