सरकार को जगाने के लिए भैंस के आगे बजाई बीन
नियमितिकरण की मांग कर रहे मनरेगा के सहायक सचिवों ने गुरुवार को अनूठा प्रदर्शन किया। उन्होंने अनसुनी कर सरकार की भैंस से तुलना करते हुए भैंस के आगे बीन बजाई। कलेक्टोरेट परिसर स्थित मंदिर में हनुमानजी को ज्ञापन भी सौंपा और सरकार को सदबुद्धि देने की प्रार्थना की।
नियमितिकरण की मांग को लेकर मनरेगा के जिले के सभी सहायक सचिव 8 फरवरी से हड़ताल पर हैं। चौथे दिन गुरुवार को भी वे हड़ताल पर रहे। उन्होंने सरकार की नीतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। विरोध स्वरूप भैंस के आगे बीन बजाई। इसके बाद कलेक्टोरेट परिसर में स्थित हनुमान मंदिर पहुंचे और हनुमानजी को ज्ञापन सौंपकर सरकार को सदबुद्धि देने के लिए प्रार्थना की। हड़ताल में जिले की 239 पंचायतों के 204 मनरेगा सहायक सचिव शामिल हैं। 239 सचिवों ने भी उन्हें समर्थन दिया है।
हड़ताल व ज्ञापन के दौरान रोजगार सहायक सचिव संघ के जिला संगठन मंत्री दिलीपसिंह बोराना, जिला सह-सचिव चंद्रशेखर व्यास, ब्लॉक अध्यक्ष विजय मेघवाल, ब्लॉक अध्यक्ष जावद पुष्पराज सिंह, चैनराम पाटीदार, मीडिया प्रभारी कैलाशनाथ, सचिव श्याम योगी, मनासा ब्लॉक उपाध्यक्ष भंवरसिंह राठौर सहित अन्य मौजूद थे।
मनरेगा के सहायक सचिव संविदा पर कार्य कर रहे हैं। वेतन मात्र 5 हजार रुपए मिल रहे हैं। प्रशासन जितना काम उतना दाम की तर्ज पर मानदेय देता है। इससे 3 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय मिल पाता है। इसलिए वे नियमितिकरण व पर्याप्त वेतन की मांग कर रहे हैं।
इसलिए कर रहे हड़ताल
सरकार को जगाने के लिए भैंस के आगे बीन बजते मनरेगा के सहायक सचिव।
ये काम हो रहे प्रभावित
मनरेगा के सहायक सचिवों की इस हड़ताल के कारण जिले के 30 हजार मजदूरों को मनरेगा में मजदूरी नहीं मिल पा रही है। समग्र आईडी, सुविधाघर, जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र ऑनलाइन होने के कारण नहीं हो पा रहे हैं। आईटीपी-2 सर्वे का काम तो पूरी तरह ठप है। इससे लोगों को परेशानी झेलना पड़ रही है।
वाहन रैली आज
शुक्रवार दोपहर 12 कलेक्टोरेट के समाने धरना स्थल से शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए निकलेगी। धरना स्थल पर सरकार की नीतियों के विरोध में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन का कलेक्टर को दिया जाएगा। हड़ताल 14 फरवरी तक चलेगी। दूसरे चरण में 23 फरवरी से अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू करेंगे।