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ओले से 50% फसल बर्बाद

6 वर्ष पहले
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भास्कर संवाददाता | नीमच/मनासा

रविवारशाम को मावठे के साथ हुई ओलावृष्टि ने फसलों पर कहर बरपाया। इससे 12 से अधिक गांवों में 50 फीसदी तक फसलें बर्बाद हुई है। मुआवजे के लिए किसानों ने सोमवार सुबह खेड़ा-बांगरेड मार्ग पर जाम लगा दिया। प्रशासन की समझाइश पर दो घंटे बाद जाम खुला।

रविवार को शाम 5 से 8 बजे तक जिले के 25 से ज्यादा गांवों में बारिश हुई। इनमें से 12 से ज्यादा गांवों में ओले भी गिरे। ओलावृष्टि के कारण अधिकतर गांवों में 50 फीसदी तक फसल को नुकसान हुआ। जिन गांवों में सिर्फ बारिश हुई वहां 20 फीसदी फसलें खराब हुईं। मनासा क्षेत्र के तिलसांवरा, मालखेड़ा, बांगरेड, खेड़ा, कंजार्डा, तलाऊ, भदवा सहित अन्य गांवों में भारी ओलावृष्टि हुई। इससे हुए नुकसान के कारण किसानों के सब्र का बंध टूट गया और उन्होंने खेड़ा-बांगरेड रोड पर वाहनों का आवाजाही रोक दी। सुबह करीब 10 बजे लगा जाम दोपहर 12 बजे तक रहा। सूचना पर पुलिस प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाया। इसके बाद वे रोड से हटे। किसान भेरूलाल जमुनियारावजी, अमरा, प्यारंचद, कनीराम, ओंकारलाल, रतनलाल, धन्नालाल ने बताया ओले दूसरे दिन दोपहर 3 बजे तक भी नहीं घुले। इससे फसलों को भारी नुकसान हुआ।

ओले दूसरे दिन दोपहर तक नहीं गले। हाथ में ओले लेकर दिखाते किसान।

फसल देखकर रो पड़ी बसंतीबाई

मालखेड़ाकी बसंतीबाई सुबह खेत पहुंची तो अपने आप को रोक नहीं पाई। आड़ी पड़ी गेहूं की फसल पर ओले देख वह रोने ही लगी। बसंतीबाई ने बताया तीन बीघे में 35 हजार रुपए खर्च कर गेहूं, मैथी धनिया बोई थी। फसल आती तो डेढ़ लाख रुपए घर आते। अब ताे जानवरों के लिए चारा तक नहीं बचा। जमुनियारावजी की कृष्णाकुंवर के पति नहीं हैं। उन्होंने 10 बीघे में 70 हजार रुपए खर्च कर बोवनी की थी। ओलावृष्टि ने सब कुछ तबाह कर दिया।

आेलेलेकर एसडीएम के पास पहुंचे- सोमवारको सुबह करीब 11 बजे तिलसांवरा मालखेड़ा के ग्रामीण पॉलीथिन में ओले लेकर एसडीएम बीएल कोचले के पास पहुंचे। उन्होंने 15 घंटे बाद भी खेतों में नहीं घुले ओले दिखाए। उन्होंने नुकसानी का आंकलन करने की मांग की।

खेड़ा-बांगरेड़ के बीच लकड़ी डालकर रोका रास्ता।

जावद के बांगरेड़ खेड़ा में ओलों से अफीम की पूरी फसल चौपट हो गई। किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंच ज्ञापन सौंपा। गांव के मुखिया बहादुरसिंह ने बताया गांव में अफीम के 26 पट्टे हैं। सभी की मिलाकर 3.5 हेक्टेयर में अफीम बो रखी थी। ओलो से शत-प्रतिशत फसल बर्बाद हो गई। अब खेत हांकना पड़ेगा। रायसिंहपुरा के विपिन बिहारी सुरावत ने बताया अजवायन, ईसबगोल, धनिया, गेहूं सहित अन्य फसलों में 50 फीसदी तक नुकसान हुआ है। प्रति बीघे में 14 क्विटंल गेहूं हाेने का अनुमान था, अब आधा ही होने की उम्मीद है। सरवानिया महाराज, भरभड़िया, भोलियावास, कनावटी, डूंगलावदा सहित एक दर्जन गांवों में तेज हवा के साथ आई बारिश से गेहूं, रायड़ा फसल आड़ी हो गई। ईसबगोल, धनिया अजवायन भी खराब हुई है। अगले सप्ताह कटने वाली ईसबगोल में भी 80 फीसदी तक नुकसान हुआ है।

फसलों को हुए नुकसान का अाकलन कर रहे हैं

^जहांज्यादा बड़े ओले गिरे वहां फसलों को नुकसान हुआ। टीम ने प्रभावित गांवों में आंकलन किया है। मैंने भी कुछ गांवों में फसल देखी। रिपोर्ट आने के बाद ही नुकसान का आंकड़ा बता सकते हैं। सीएलकेवड़ा, उपसंचालक- कृषि विभाग

नुकसान की आशंका

^बारिशया ओलों से अफीम, ईसबगोल, धनिया, जीरा सहित अन्य फसलों को नुकसान की आशंका है। किस फसल को कितना नुकसान हुआ इसका प्रतिशत फसल की अवस्था पर निर्भर करता है। डॉ.सीपी पचौरी, समन्वयक- कृषि विज्ञान केंद्र

एसडीएम बीएल कोचले को ओले दिखाते किसान।