साध्वी सुमन कुंवरजी का देवलोक गमन
जैन श्वेतांबर स्थानक साध्वी सुमनकुंवरजी (75) का भवानीमंडी में देवलोक गमन हो गया। उन्हें अंतिम यात्रा निकालकर भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर समाज के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने साध्वी की अंतिम यात्रा में भाग लिया।
सुमनकंवरजी करीब बीस दिन पहले ही यहां विराजित जैन साध्वी अरविंदकुंवरजी महाराज की कुशलक्षेम पूछने के लिए मनासा से विहार करके यहां आई थी।
समाज के मंत्री हीरालाल विजावत, कालूलाल सालेचा तथा राजेश नाहर आदि ने बताया कि यहां पर शाम करीब 6 बजे सुमनकुंवरजी का संथारा हुआ। रात 11.15 बजे तक करीब सवा पांच घंटे संथारा रहने के बाद देवलोक गमन हो गया। सुमनकंवरजी महाराज दिवंगत मांगीलालजी मोगरा की पुत्री थी। उन्होंने करीब 1965 में दीक्षा ग्रहण की।
उनकी चारों ही बहनों ने जैन साध्वी की दीक्षा ग्रहण कर रखी है। जिनमें से एक छोटी बहन प्रकाशकुंवरजी जब सन् 2012 में भवानीमंडी आई थी तो उनका भी यही पर देवलोक गमन हो गया था।
दिंवगत जैन साध्वी सुमनकंवरनजी की अंतिम यात्रा में शामिल नागरिक।