परीक्षित मोक्ष से कथा विश्राम
मनासा | मोयामें श्रीमद भागवत कथा का विश्राम राजा परीक्षित के मोक्ष के प्रसंग के साथ हुआ। पं. रितेशकुमार शर्मा ने कहा- राजा परीक्षित ने सात दिन तक मन से कथा श्रवण किया। परीक्षित को ऋषि के श्राप के कारण तक्षक नाग ने काटा और उनके जीवन का अंत हो गया। कथा के प्रभाव से उन्हें मोक्ष प्राप्त हुआ और नाम अजर-अमर हो गया। भागवतजी की पूजा-अर्चना की गई।