पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • नामांतरण में नियमों की अनदेखी

नामांतरण में नियमों की अनदेखी

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
सड़क,सफाई की समस्या को लेकर आम लोगों के निशाने पर आई परिषद के कामकाज को लेकर कांग्रेस पार्षद दल ने बुधवार को मोर्चा खोला। कलेक्टर कार्यालय पर दाेपहर 1.30 बजे प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें नपा अधिनियम की अनदेखी पर शासन से हस्तक्षेप की मांग की।

नेता प्रतिपक्ष शाकीरा खेड़ीवाला ने बताया नगरपालिका में नामांतरण प्रकरणों में पीआईसी की मनमानी के साथ अन्य जनहित की समस्याओं को प्रदर्शन के बाद संयुक्त कलेक्टर वीरसिंह चौहान को ज्ञापन दिया। उन्होंने बताया पीआईसी में भाजपा पार्षदों की मौजूदगी एवं विपक्ष का दखल नहीं होनेे से मनमानी हो रही है। ज्ञापन में नामांतरण प्रकरणों की जांच की मांग की। जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश रातड़िया, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद हनीफ शेख के नेतृत्व में दिए ज्ञापन के दौरान जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष बबीतासिंह तोमर, पूर्व विधायक नवकृष्ण पाटिल, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश काला सहित अन्य पार्षद, पार्षद प्रतिनिधि और कांग्रेस नेता मौजूद थे।

नामांतरणप्रस्तावों में नियमों की अनदेखी-कांग्रेस पार्षददल ने ज्ञापन में पीआईसी द्वारा नामांतरण प्रकरणों को स्वीकृत करने की कार्रवाई को नपा अधिनियम की धारा 150 में गलत बताया। ऐसे प्रकरण परिषद में लाए जाना चाहिए। परिषद ने क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर नामांतरण अधिकार पीआईसी को दिए हैं। साथ पीआईसी में भ्रष्टाचार, नामांतरण प्रकरणों को अटकाने, मनमानी स्टांप ड्यूटी लगाने जैसे आरोप लगाए गए।

नपा की परिषद कर रही नियमों से काम

नपाध्यक्षकुसुम गुप्ता ने कहा नामांतरण प्रस्तावों को स्वीकृत करने के लिए पीआईसी को अधिकृत करने का प्रस्ताव परिषद की बैठक में व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए किया था। पीआईसी की बैठक में एक बार में 100 से 200 नामांतरण प्रकरणों पर विचार कर उन्हें स्वीकृत किया जाता है। जो नामांतरण प्रकरण रोके जाते हैं वे तकनीकी रिपोर्ट, नक्शा या अन्य कमियों के कारण रोके जाते हैं। परिषद नियमों से काम कर रही हैं। आम लोगों की समस्याओं का सुलझाने में परिषद लगातार प्रयास कर रही है।

सड़क, पानी को लेकर लोग जता चुके हैं नाराजगी

सड़क, पानी और सफाई व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों की नाराजगी लगातार बढ़ रही है। तमाम प्रयासों के बाद नगरपालिका आम लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं कर पा रही। उखड़ी सड़क और सफाई व्यव