पेज एक के शेष...
नायकने 25 साल नौकरी में करीब 15 साल इंदौर में बिताए। हाल ही में उसका ट्रांसफर हुआ था। बताया जाता है कि ट्रांसफर होने के बावजूद नायक बिना बताए काफी समय से वहां ड्यूटी पर नहीं गया। इंदौर में अपना कामकाज संचालित कर रहा था। कार्रवाई सुबह साढ़े पांच बजे ट्रेजर आईलैंड मॉल के सामने मौर्या रीजेंसी नामक मल्टी में हुई। लोकायुक्त पुलिस ने नायक के फ्लैट का गेट खटखटाया तो उसने नौटंकी की। टीम 20 मिनट तक बाहर खड़ी रही। उसके बाद उसने गेट खोला। जैसे ही अफसरों ने अपना परिचय दिया, नायक का चेहरा पीला पड़ गया। परिजनों का चेहरा भी रुआंसा हो गया। लोकायुक्त एसपी अरुण मिश्रा के मुताबिक नायक के पास आय से ज्यादा संपत्ति होने की शिकायत मिली थी। निगरानी रखने के बाद कार्रवाई की योजना बनाई। फ्लैट से मिले 18 लाख रुपयों को लेकर डीएसपी बीएस परिहार, दौलतसिंह और टीम ने सवाल पूछा तो उसकी जुबान लड़खड़ा गई। कैश के बारे में दो लाइन भी ठीक से नहीं बोल पा रहा था।
येकार्यक्षेत्र है नायक का : खाद्यआपूर्ति अधिकारी की ड्यूटी में शहर की सभी राशन दुकानों पर केरोसिन, अनाज की सप्लाई और जांच करना शामिल है। पेट्रोल पंप और गैस एजेंसी की खरीदी-बिक्री के रिकॉर्ड पर निगरानी, पेट्रोल-डीजल में मिलावट पर नजर रखने, अनाज खरीदी के लिए वेयर हाउस किराए पर लेने, भंडारण करवाने की भी जिम्मेदारी रहती है।
‘खेतीरो...
बैंगलुरूकी कंपनियों से एप तैयार करने के लिए बात की लेकिन उन्होंने खर्च ज्यादा बताया। इसलिए नायर ने खुद ही डेवलप करने की ठानी और सफलता पाई।
ऐग्रीकोलाभी बनाया था- ‘खेतीरो ज्ञान’ हिंदी का पहला कृषि आधारित मोबाइल एप है। पहले एग्रीकोली (Agricola) एप बनाया था। इससे नीमच, मंदसौर रतलाम के किसान 60 तरह की फसलों के लिए रासायनिक खाद की सही मात्रा पता कर सकते हैं। इसके लिए पटवारी नायर को 2013 का मैप आईटी अवॉर्ड मिला था।