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आर्थिक आरोपों की जांच के दौरान उसी स्थान पर मिल गई बहाली
आर्थिकअनियमितता की शिकायत के बाद निलंबित कर्मचारी को उसी स्थान पर पुन: बहाल कर दिया। मामले में कलेक्टर और विभाग जिलाधिकारी उच्च निर्देशों की बात कह रहे हैं।
मंदसौर ग्रामीण-2 में पदस्थ परियोजना अधिकारी सत्या डामोर के खिलाफ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने आर्थिक अनियमितता की शिकायत की थी। महिला बाल विकास अधिकारी अंशुबाला मसीह ने जांच की। इसके बाद 24 जून को कमिश्नर शिव शेखर शुक्ला के निर्देश पर डामोर को निलंबित कर दिया। डामोर की बहाली को लेकर 28 अगस्त को कमिश्नर कार्यालय से कलेक्टर कार्यालय मंदसौर को पत्र मिला। 29 अगस्त को कलेक्टर कार्यालय से बहाली की जांच प्रभावित होने की आशंका जताई लेकिन 15 सितंबर को कमिश्नर कार्यालय से आए पत्र में डामोर को पूर्व पद एवं पूर्व स्थान पर ही पदस्थ करने के निर्देश थे। मंगलवार को डामोर ने पूर्व पदस्थापना पर ही ज्वाइनिंग दी। जांच अधिकारी अंशुबाला मसीह का कहना है ज्वाइनिंग से साक्ष्य प्रभावित होने की आशंका है।
येलगे थे आरोप - {किशोरी शक्ति योजना में नकली बिल लगाकर राशि खाते में डलवाने। { वाहन निविदा बुलाए बिना वाहन लगवाने और राशि खुद के खाते में डलवाने। { वित्तीय एवं भंडार क्रय नियमों का पालन नहीं करने की शिकायत हुई थी।
मेरी जानकारी में नहीं
^निलंबनऔर बहाली कब हुई यह मेरी जानकारी में नहीं है। क्योंकि कार्रवाई कमिश्नर कार्यालय से होती है। इसमें यदि कोई तकनीकी चूक हुई है तो उसे देखने के बाद ही मैं कुछ कह सकूंगा। संजीवसिंहकलेक्टर मंदसौर
निर्देशमें होगा संसोधन
^निलंबन के बाद उसी स्थान पर पदस्थापना नहीं हो सकती। यदि ऐसा हुआ है तो मैं दिखवाता हूं। निर्देश में संशोधन किया जाएगा। रवींद्रपसतोर, कमिश्नरउज्जैन