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अभी भी 26 हजार बच्चों की एंट्री बाकी

7 वर्ष पहले
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कक्षा1 से 12वीं तक के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के विद्यार्थियों को (ट्रिपलएसएम) समग्र सामाजिक सुरक्षा मिशन आईडी दी जाना है। महीनों बाद भी इसका काम सुस्त गति से चल रहा है। 20 सितंबर को स्कॉलरशिप वितरण का काम होना है लेकिन 26 हजार छात्र-छात्राआें की डाटा एंट्री संबंधी काम अब भी शेष है। स्कूलों में कम्प्यूटर, नेट का इंतजाम नहीं होने के कारण एंट्री संबंधी काम संकुल प्राचार्यों ने प्राइवेट तौर पर कम्प्यूटर सेंटरों को सौंपा है। इधर जो शिक्षक बच्चों की खोजबीन में जुटे हैं, वे अगर खुद अपने स्तर पर बच्चों की एंट्री करना चाह रहे हैं तो उन्हें संकुलों से यूजरआईडी पासवर्ड मुहैया नहीं कराया जा रहा। जहां ये संभव है, वहां प्रति बच्चे की एंट्री के लिए 20 रुपए मांगें जा रहे हैं। बच्चों को अन्य गांव जाकर खोजने एंट्री संबंधी खर्च शिक्षक जेब से भुगतेंगे। शासन उन्हें उपलब्ध नहीं करा रहा।

ट्रिपलएसएम के तहत विभिन्न प्रकार की स्कॉलरशिप को एक आवेदन पर मुहैया कराने के लिए यह पहल शुरू की गई है। मैदानी तौर पर बच्चों को ढूंढने वाले शिक्षक परेशान हैं कि कई परिवारों में राशन कार्ड ही नहीं हैं। ऐसे में वे किस आधार पर बच्चों की एंट्री करें। परिवार के साथ अन्य गांव के स्कूल में एडमिशन ले चुके बच्चों को खोजना भी आसान काम नहीं है। इसी कारण मंदसौर जिले के लिए 2 लाख 95 हजार विद्यार्थियों की संख्या के मुकाबले मंगलवार तक 2 लाख 69 हजार 672 की ही एंट्री हो सकी। 26 हजार से ज्यादा विद्यार्थी प्रक्रिया से नहीं जुड़ पाए हैं।

संकुल प्राचार्य यूजरआईडी पासवर्ड बताएं

^अगरकिसी संकुल के शिक्षक खुद अपनेस्तर पर एंट्री करना चाह रहे हैं तो संकुल प्राचार्य उन्हें यूजरआईडी पासवर्ड उपलब्ध कराएं। मेरे संज्ञान में आया है कि प्रति एंट्री के मान से कई स्थानों पर 15 से 20 रुपए लिए जा रहे हैं। शिक्षक यह भार कैसे वहन करेगा। अगर शिक्षक 60 बच्चों की एंट्री चाह रहा है तो खर्च 1200 रुपए पड़ेगा। ऐसे में संकुल प्राचार्य जिम्मेदारी से काम लें ताकि शिक्षकों पर अनावश्यक परेशानी आए। 20 सितंबर को स्कॉलरशिप वितरण होना है, हम टारगेट में जुटे हैं। केसीशर्मा, प्रभारीडीईआे मंदसौर

ट्रिपलएसएम के तहत पिछले साल भी संकुलस्तर पर डाटा एंट्री संबंधी काम शुरू हुआ था। उस वित्तीय वर्ष के खत्म होने से पहले सभी संकुलों को एक-एक हजार रुपए का बजट भी