पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • बादलों से अब उम्मीदें खत्म

बादलों से अब उम्मीदें खत्म

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
मानसून और बादलों से अब उम्मीदें लगभग खत्म हो चुकी हैं। इस बार जिले में औसत बारिश का आंकड़ा 700 मिमी पार नहीं हो सका। जिले में अब तक औसत 661 मिमी (26.4 इंच) बारिश हुई है। जो औसत (826 मिमी या 33 इंच) से अभी 165 मिमी कम है। ऐसी स्थिति 2010 के बाद पहली बार बनी है। 2010 में भी औसत बारिश का आंकड़ा 641 मिमी पर थम गया था।

वैज्ञानिकने भी माना, मिलने लगे विदाई के संकेत

कृषिमहाविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एसएन मिश्रा का कहना है गुजरात और राजस्थान के मौसम का असर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों पर होता है। मालवा क्षेत्र की सीमा से लगे जिले मंदसौर में जब नमी आना बंद होती है तो हवा की दिशा उत्तर पश्चिमी हो जाती है। ऐसे में मानसून की विदाई के संकेत मिलने लगते हैं। पश्चिमी मानसून की विदाई राजस्थान से शुरू होती है। अब तेज बारिश की संभावना कम है। लोकल सिस्टम के कारण बूंदाबांदी या बौछार हो सकती है।

खरीफ की पूंजी रोकेगा किसान

व्यापारविशेषज्ञ अजय जैन का कहना है खरीफ रबी फसल लेने वाला किसान पूरे साल का लेखा-जोखा तय कर प्लान बनाता है। इस बार कमजाेर मानसून के कारण रबी फसल को लेकर किसानों की चिंता का असर बाजार पर भी नजर आएगा। खरीफ फसल से आई पूंजी को किसान अगली जरूरत के लिए रोकेगा। इसका असर दीपावली, दशहरा त्योहार की खरीदी पर होगा। सराफा, कपड़ा, किराना, वाहन बाजार के साथ कृषि उपकरणों का बाजार भी प्रभावित होगा। एक पखवाड़े बाद खरीफ की फसल मंडी में आना शुरू हो जाएगी।

तालाब खाली, प्रभावित होगी रबी की फसल

जलसंसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री अरविंद खरे का कहना है कमजाेर मानसून का रबी सीजन पर असर हाेगा। जिले में विभाग के 56 तालाबों में 40 प्रतिशत पानी ही भरा है। आमतौर पर मानसून की विदाई सिंतबर के अंतिम सप्ताह में होती है। इसके बाद पीएचई के जलस्रोतों, सिंचाई, पशु पेयजल और अन्य जरूरतों के आरक्षित पानी की डिमांड, कृषि विभाग के संभावित रबी रकबे के आधार पर ही सिंचिंत और असिंचिंत रकबे का निर्धारण होता है। कमजाेर मानसून के चलते इस बार जिले में सिंचिंत रबी का रकबा कम होने की आशंका है। विभागीय तैयारियों के बाद ही रबी योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।

शहर में शनिवार को दिनभर बादल छाए रहे लेकिन बारिश नहीं हुई। फोटो भास्कर

माह बारिश मिमी

जून--

जुलाई 204 (8.1 इंच)

अगस्त 221 (8.8 इंच)

सित