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यूनिवर्सिटी रोकेगी नकलची के रिजल्ट

6 वर्ष पहले
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35 छात्र 3 छात्राओं के बने थे प्रकरण

सिटीरिपोर्टर | मंदसौर

नकलप्रकरणों की रोकथाम के लिए विक्रम यूनिवर्सिटी सख्त हो गई है। नवंबर-दिसंबर 2014 में हुई सेमेस्टर परीक्षा में 38 नकल प्रकरण बने थे। उनका रिजल्ट रुकेगा। इसमें 35 छात्र और 3 छात्राएं हैं। कॉलेज प्रशासन के मुताबिक इस माह सभी संकायों के नतीजे जाएंगे। परीक्षा में विभिन्न सेमेस्टरों के करीब 8 हजार छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे।

यूनिवर्सिटी ने 2013-14 से नकलचियों के खिलाफ कार्रवाई की शुरुआत की थी। उस वक्त पीजी कॉलेज में शैक्षणिक सत्र के पहले सेमेस्टर में 40 प्रकरण बने थे और दूसरे सेमेस्टर तक आंकड़ा 85 पर पहुंच गया। रिजल्ट रोक अगली परीक्षा से वंचित कर दिया था। ताजा सत्र में मंदसौर पीजी कॉलेज ने यूनिवर्सिटी को पहले, तीसरे और पांचवें सेमेस्टर की परीक्षा में बने 38 नकल प्रकरणों की डिटेल भेजी थी। इनमें 35 छात्र और 3 छात्राएं हैं। परीक्षार्थियों ने साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स संकाय के पहले, तीसरे और पांचवें सेमेस्टर की परीक्षा दी थी। जानकार बताते हैं सेमेस्टर सिस्टम के बाद से शैक्षणिक सत्र में लेटलतीफी चल रही है। शार्टकर्ट की चाह में परीक्षार्थी नकल करते हैं। परीक्षा सामग्री में जेरोक्स, मोबाइल तक बरामद हो चुके हैं।

सभीको सीख मिलेगी-लीड कॉलेजप्रभारी प्राचार्य डॉ. केएम नाहर ने बताया नकल की रोकथाम को लेकर कई प्रयास किए लेकिन परीक्षार्थी गंभीरता से नहीं ले रहे थे। यही वजह है कि नकलचियों के रिजल्ट रोकने की शुरुआत हुई। इस सत्र में बने प्रकरणों की डिटेल यूनिवर्सिटी को भेज चुके हैं, इस बार भी कार्रवाई तय है। संबंधितों के परिजनों को कॉलेज प्रशासन द्वारा आगाह किया जा चुका था। कार्रवाई से कॉलेज के हर छात्र-छात्रा को सीख मिलेगी।

डेढ़ माह से नतीजों का इंतजार

सेमेस्टरसमाप्त हुए डेढ़ माह हो चुका है। विद्यार्थियों के परिणाम अब तक घोषित नहीं हो सके हैं। शैक्षणिक कैलेंडर के पालन में कॉलेज प्रशासन ने परीक्षा देने वाले छात्र-छात्राओं के अगले सेमेस्टर की कक्षाएं लगा दी है। विद्यार्थियों के समक्ष दुविधा है नया कोर्स तक बाजार में नहीं है। रिजल्ट घोषित हो रहा कोर्स स्टेशनरी संचालकों तक पहुंचा है। प्रोफेसर बताते हैं यूजीसी ने जुलाई 2014 में पहले सेमेस्टर के सभी संकायों का कोर्स बदला था। जिन्होंने परीक्षा दी उन्हें अगले क्रम के तौर पर दूसरे सेमेस्टर में भी नए कोर्स से रूबरू होना पड़ेगा और सभी सेमेस्टरों की पढ़ाई इसी आधार पर होगी।