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सहायक सचिवों को चार माह से नहीं मिला वेतन

7 वर्ष पहले
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चारमाह से वेतन नहीं मिलने से नाराज सहायक सचिवों ने मंगलवार को मनरेगा मुख्य आयुक्त को भोपाल जाकर ज्ञापन देने और आंदोलन की घोषणा की।

जिले की पंचायतों में मनरेगा सहित अन्य ग्रामीण विकास के कार्यों की जिम्मेदारी निभा रहे पंचायत सहायक सचिवों ने अगस्त 2014 से वेतन आवंटन नहीं हुआ। मनरेगा फंड रोकने से ये स्थिति बनी। चार माह बाद जिले को 4 करोड़ की राशि का आवंटन हुआ लेकिन सहायक सचिवों की उम्मीद पूरी नहीं हुई। पंचायत सहायक सचिव संगठन संगठन संरक्षक दिनेश शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष शैलेंद्रसिंह राठौर के नेतृत्व में 16 दिसंबर को भोपाल में आंदोलन करेगा। मनरेगा आयुक्त अरुणा शर्मा को ज्ञापन दिया जाएगा। मनरेगा विभाग से हर माह 10 तारीख तक वेतन भुगतान के आदेश की अनदेखी सहित ग्रेड पे वेतनमान, पंचायतों में इंटरनेट अन्य सुविधा उपलब्ध कराने, निर्वाचन कार्य से मुक्त करने की मांग की जाएगी।

मजदूरी,सामग्री का भुगतान प्राथमिकता से-मनरेगा प्रभारीराजेश पाटीदार ने बताया चार माह से पंचायत स्तर पर मजदूरी और सामग्री का भुगतान नहीं हो पाया था। 4 करोड़ की राशि मनरेगा फंड में मिली है। बकाया मजदूरी के साथ सामग्री भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। बकाया राशि की डिमांड है।

440 सहायक सचिवों को वेतन नहीं मिला

पंचायत सहायक सचिव संगठन जिलाध्यक्ष सुरेशसिंह परमार ने बताया जिले की 440 पंचायतों मे 440 सहायक सचिव कार्यरत हैं। स्थापना सेटअप के मुताबिक मनरेगा फंड से 4 प्रतिशत राशि का उपयोग सहायक सचिवों के वेतन से होता है। चार माह से मनरेगा फंड नहीं आने से सहायक सचिवों को वेतन नहीं दिया। 4 करोड़ की राशि आवंटित हुई है तो सेटअप के मुताबिक 4 प्रतिशत फंड का उपयोग वेतन भुगतान में होना चाहिए। सहायक सचिवों का भुगतान करने के बकाया सामग्री भुगतान किया जा रहा है। इससे सहायक सचिवों में नाराजगी है।

मनरेगा फंड के लिए केंद्र द्वारा चार माह से राशि आवंटित नहीं करने से निर्माण पर रोक लगा दी थी। पंचायत राज संचालनालय ने प्रदेश की सभी जिला पंचायतों को निर्देश जारी किया था। दिसंबर के पहले सप्ताह में केंद्र ने मनरेगा का फंड आवंटित किया जो प्रदेशभर में बांटा। डिमांड के आधार पर मंदसौर जिले के लिए 14 करोड़ के बकाया भुगतान के लिए राशि मांगी थी। उम्मीद थी 8 करोड़ की राशि मिल जाएगी लेकिन 4 करोड़ की राशि ही जिला पंचायत के मनरेग