मावठे से हुआ नुकसान
मावठेऔर कई स्थानों पर ओले गिरने से रबी फसल को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है। कृषि विभाग ने अमले को मैदानी स्थिति की जांच करने को कहा है। सबसे ज्यादा मावठे की बारिश सीतामऊ में 23 मिमी करीब एक इंच हुई।
भू अभिलेख कार्यालय के मुताबिक चौबीस घंटे में 5.8 मिमी बारिश हुई। सीतामऊ में 23, कयामपुर में 10, सुवासरा में 9, मंदसौर में 7, भानपुरा, मल्हारगढ़, संजीत में 3-3 मिमी बारिश हुई। सोमवार को दिनभर मावठे के बादलों की आवाजाही रही। कृषि उपसंचालक राजीव जोशी ने बताया मावठे से गेहूं और चने के लिए अनुकूल स्थिति बनेगी। मंदसौर ब्लॉक में कहीं कहीं ओले की जानकारी है। ऐसे स्थानों पर कृषि विस्तार अधिकारी और मैदानी अमले को नुकसान का आंकलन करने काे कहा है। एक दो दिन में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। सीतामऊ ब्लाॅक में मावठे की बारिश सबसे ज्यादा दर्ज की है। टकरावद सहित खेड़ा, जोधा पिपलिया, बिल्लौद, हिंगोरियाबड़ा, मगराना, रतन पिपलिया में बारिश से कई फसलें प्रभावित हुई है। ग्रामीणों की मांग पर तहसीलदार पारस कुन्हारा ने सोमवार दोपहर को कई गांवों में स्थिति देखी। किसानों ने नुकसान के आंकलन की मांग रखी।
सुवासरा के भरतपुरा, कुंडला में तेज बारिश से प्रभावित फसलों का भाजपा नेताओं ने मुआयना किया। पूर्व विधायक नानालाल पाटीदार, जिपं सदस्य रमेश गुर्जर, राधेश्याम पाथर ने कहा मुआवजा दिया जाए।
राज्यपालके नाम ज्ञापन-मल्हारगढ़ मेंबालागुढ़ा , डूंगलावदा, धाकड़ी, बरखेड़ा जयसिंह, नालीखेड़ा के किसानों ने सोमवार काे तहसील कार्यालय में नारेबाजी की। उन्होंने राज्यपाल के नाम ज्ञापन दिया। किसान अमृतराम पाटीदार साथियों ने बताया एसडीएम प्रकाश नायक को ज्ञापन सौंपा। जिसमें ओले से अफीम, रायड़ा, सरसों, गेहूं, अलसी, इसबगोल प्रभावित हुई है।
ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का किया आंकलन
मल्हारगढ़| बारिशओलावृष्टि प्रभावित फसलों का सोमवार को ग्रामीण अंचल में राजस्व टीम ने आंकलन किया। दोपहर को तहसीलदार पारस कुम्हारा, प्रमोद भाटी, पटवारी केदार गौड़, रामदयाल सूर्यवंशी ने खेतों में फसलों की स्थिति देखी। टीम ने ग्राम हिंगोरियाबड़ा, आक्यामेड़ी, टिडवास, सुदवास, गरनाई में प्रभावित फसलों का सर्वे किया।