8 माह से बंद है सड़क का काम
शिवनाकिनारे बनाए जाने वाले नए मार्ग के वर्क आर्डर हुए लंबा समय बीत गया। सड़क के बीच लगे बिजली के खंभे के कारण 8 माह से निर्माण कार्य बंद है। ऐसे में हजारों लोगों को तंग रास्तों से निकलना पड़ रहा है। नगरपालिका के जिम्मेदारों का कहना है बिजली के खंभे हटाने की प्रक्रिया चल रही है। इसी कारण सड़क निर्माण का काम प्रभावित हो रहा है।
20हजार लोगों को मिलेगी सुविधा
पशुपतिनाथमंदिर से कलेक्टर कार्यालय पर नया मार्ग तैयार होने पर 20 हजार से अधिक लोगों को सुविधा मिलेगी। शिवदर्शन कॉलोनी, चंदरपुरा, पशुपतिनाथ, खानपुरा से कलेक्टर कार्यालय सहित बस स्टैंड की ओर जाने का नया मार्ग उपलब्ध होगा। फिलहाल लोगों को खानपुरा, मंडी गेट, सदर बाजार, आजाद चौक जैसे तंग रास्तों से जाना पड़ता है।
यह है योजना
{पशुपतिनाथ पुलिया से कलेक्टोरेट को जोड़ने वाला नया बायपास।
{लागत 91 लाख 68 हजार।
{वर्क आर्डर 5 जून 2013।
{बिजली के खंभों के बीच में आने से 8 माह से बंद है सड़क का काम।
{ काम पूरा होने पर 20 हजार लोगों को मिलेगी सुविधा।
नपा के 6 फरवरी 2013 को हुए सम्मेलन में सड़क बनाने का प्रस्ताव रखा गया था। इसमें कांग्रेस पार्षद शाकीरा खेडीवाला, प्रीतिपालसिंह राणा, राजेश बंधवार ने विरोध किया था। उनका कहना था बिजली कंपनी ने 11 हजार केवी लाइन के खंभे लगा रखे हैं। ऐसे में सड़क निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने के बजाए पहले खंभे हटाए जाएं। भाजपा परिषद ने बहुमत के आधार पर प्रस्ताव पारित कर दिया।
नपा सम्मेलन में हुआ प्रस्ताव का विरोध
सड़क निर्माण के लिए वर्क आॅर्डर होने के बाद काम शुरू हुआ था। शिवना किनारे रास्ते का समतलीकरण कर भराव किया गया। इसमें ज्यादा उलझन शिवना छोटी पुलिया से कलेक्टर कार्यालय तक डाली गई बिजली कंपनी की लाइन के खंभे से आई। खंभे सड़क के बीच होने से आठ माह से काम बंद है। नपा और बिजली विभाग के बीच खंभे हटाने के लिए पत्र व्यवहार चल रहा है।
शुरुआत हुई, फिर अटक गया काम
पशुपतिनाथ मंदिर की छोटी पुलिया से कलेक्टोरेट को जोड़ने वाली अधूरी सड़क। फोटो भास्कर
^ नपा की सड़क निर्माण योजना में जहां भी बिजली के खंभे से बाधा रही है। योजना अनुसार उन्हें हटाया जा रहा है। शिवना किनारे कलेक्टर कार्यालय तक बन रही सड़क को लेकर बिजली के खंभे हटाने को लेकर क्या पत्र व्यवहार हुआ है। योजना की क्या स्थिति है,