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परीक्षा केंद्र का दर्जा प्रोफेसरों की नियुक्ति

7 वर्ष पहले
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प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा दिलाने के नाम पर एक के बाद एक कॉलेजों की घोषणाएं तो कर दीं लेकिन मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाईं। इससे विद्यार्थी एवं स्टाफ दोनों परेशान हैं।

सिटीरिपोर्टर | मंदसौर

15दिनों के अंतराल में तीनों कॉलेजों के लिए प्राचार्य समेत 17-17 पदों की स्वीकृति दी। भवन के लिए भूमि चिन्हित करने की कवायद चली, प्रस्तावित रिपोर्ट भोपाल भेजी। प्रारंभिक संचालन के लिए हायर सेकंडरी स्कूलों के कक्षों का चयन हुआ। उसके बाद से कोई हलचल नहीं हुई। बजट, स्टाफ भर्ती को लेकर तमाम कवायदें कागजों तक सीमित हैं। धीमी प्रक्रिया को लेकर छात्र संगठनों के तेवर तीखे हो गए हैं।

तीनों नए कॉलेजों में सत्र 2015-16 से आर्ट्स संकाय में दाखिला देने पर सहमति है। प्रथम सेमेस्टर में 60-60 एडमिशन देंगे। वर्तमान में पहले, तीसरे और पांचवें सेमेस्टर की एग्जाम है। नए मंजूर तीनों कॉलेजों में परीक्षा केंद्र बनाने पर यूनिवर्सिटी की सहमति नहीं मिल सकी। कॉलेज प्रशासन का कहना है यूनिवर्सिटी से कोर्स संबद्धता संबंधी प्रोसेस शुरू कर दी है। नए मंजूर तीनों कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बना दिया जाएगा। अप्रैल 2014 से ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। मामले को लेकर एबीवीपी के जिला संयोजक महेंद्र परिहार का कहना है दिसंबर समाप्ति से पूर्व उच्च शिक्षा विभाग समस्त प्रक्रियाएं पूरी कर लें ताकि नए सत्र से कोई कमी रहे। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष साहिल नाहटा का कहना है शासन केवल घोषणाएं कर रहा है। स्टाफ, भवन, बजट, कोर्स संबंधी समस्याओं के निराकरण के लिए कदम नहीं उठाए जा रहे। मामले को लेकर लीड कॉलेज प्राचार्य का कहना है शासन को समय-समय पर रिपोर्ट भेजते हैं। सत्र समाप्ति के पहले पुन: अवगत कराएंगे ताकि स्टाफ विद्यार्थियों की कठिनाई दूर हो।

3 साल पहले मंजूर हुए कॉलेजों की स्थिति

1. पिपलियामंडी शासकीय कॉलेज सन2010 में मंजूरी मिली और 2011 से संचालन। यहां आर्ट्स, कॉमर्स साइंस तीनों संकाय एक-एक वर्ष के अंतराल में प्रारंभ हुए। शासन ने 14 पद मंजूर कर रखे हैं। आधे से ज्यादा परमानेंट स्टॉफ नहीं है। 3 साल से पिपलियामंडी के बालक उमावि में कॉलेज संचालन हो रहा है। 650 विद्यार्थी यहां अध्ययनरत हैं। कॉलेज के लिए पिपलिया से आगे महू-रोड पर 16 बीघा जमीन है। भवन बनने में सालभर लगेगा। 3 करोड़ 15 लाख का सरकारी बजट आए 8 माह से अधि