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वाटर लॉरी बनकर ही रह गए हैं नगरपालिका के ये फायर फाइटर
शुक्लाचौक में बुधवार रात हुए आग के हादसे ने फायर फाइटर खरीदी की उलझन फिर सामने ला दी है। नगरपालिका के फायर फाइटर वाटर लॉरी बनकर रह गए हैं। मौके पर काम नहीं करने वाले खटारा फायर फाइटरों को लेकर नपा को जन आक्रोश का सामना करना पड़ता है। राजनीतिक एवं प्रशासनिक इच्छाशक्ति की कमजोरी के चलते लंबे समय से फायर फाइटर खरीदी उलझी हुई है। यहां तक कि पाइप की कमी, पंपों की सीमित क्षमता, सीढ़ी, मास्क, रस्से होना जैसी समस्याओं पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा।
अग्निशमन विभाग की व्यवस्था में 10 सालों में कोई बदलाव नहीं हुआ। एक लाख की आबादी के मान से जुटाए संसाधन नाकाफी साबित हो रहे हैं। अभी नगर की आबादी 1.50 लाख के आसपास है। शहर का विस्तार हुआ किंतु अग्निशमन विभाग की संसाधन बढ़ाने पर ध्यान नहीं दिया। नपा के पास दो अग्निशमन है। इसमें से एक 25 तो दूसरा 11 साल पुराना है।
सुरक्षाकी चिंता नहीं
कांग्रेसकी पूर्व पार्षद एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष रफत पयामी का कहना है नपा में जनसुविधा और सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं की हमेशा अनदेखी की जा रही है। शुक्ला चौक में हुए हादसे के बाद फायर ब्रिगेड का समय पर पहुंचना और पंप चालू होने का खामियाजा हादसे की भयावहता के रूप में सामने आया। पिछली परिषद में भी नपा ने नए फायर फाइटर खरीदी पर ध्यान नहीं दिया और ये कार्यकाल भी ऐसे ही जा रहा है।
संकरेरास्तों के लिए नहीं है कोई संसाधन
40वार्डों में बसे शहर के 25 वार्ड पुराने शहर में हैं। खानपुरा, बोहरा बाखल, सदर बाजार, किला रोड, कागदीपुरा, नरसिंहपुरा, नयापुरा, गणपति चौक सहित कई इलाके ऐसे तंग गलियों के है जिसमें आमने-सामने दुपहिया वाहन आने पर निकलता मुश्किल होता है। ऐसे में कई बार टुकड़ा टुकड़ा पाइप जोडकर घटनास्थल पर पानी पहुंचाना पड़ता है।
अनुबंधहो गया, सप्लाय को लेकर बनाए दबाव
सीएमओहिमांशु भट्ट का कहना है नए फायर फाइटर खरीदी के लिए विभागीय प्रक्रिया हो गई है। अनुबंध हो चुका है। भोपाल के सप्लायर केपी इंटरप्राइजेस से फाइटर की खरीदी करना है। नपा सप्लायर को एक बार फिर रिमांइडर भेजेगी जिसमें तत्काल अनुबंध शर्तो का पालन करते हुए फाइटर उपलब्ध कराने को कहा जाएगा।
मुख्य अभियंता नगरीय प्रशासन विभाग ने 22 फरवरी 2013 को क्विक रिस्पांस काम्बीट्स एवं हाई प्रेशर पंप यानि अत्याधुनिक फायर ब्रिगेड खरीदी के लिए आदेश दिया था। इसके बाद नपा ने कोटेशन बुलाए। 21 मई 2013 को एस्सार स्टील इंदौर का एकल कोटेशन 21 लाख का आया। इसे परिषद की 24 जुलाई 2013 को हुई बैठक में निरस्त कर दिया। नपा ने चार कोटेशन बुलाए तब कहीं प्रयासों को 17 जुलाई 2014 को कामयाबी मिली। केपी इंटरप्राइजेस, भोपाल का 22 लाख 29 हजार 333 का कोटेशन स्वीकृत हुआ। इसके बाद अनुबंध, गुणवत्ता सहित अन्य मामलों को लेकर पत्र व्यवहार हो रहा है। अनुबंध के सात माह बाद भी नपा को नपा फायर फाइटर नहीं मिला है।
25 साल पुराना फायर फाइट, जो अधिकतर साथ नहीं देता।
बुधवार रात लगी आग में शिव टेंट हाउस उससे लगी दुकान सैनी टेंट सप्लायर का अधिकांश सामान स्वाहा हो गया। गुरुवार सुबह दुकान के बाहर निकाला अधजला सामान रात को लगी आग की भयावहता दिखाता है। सैनी टेंट सप्लायर से टेंट के नए सामान की बिक्री होती है। अधिकांश सामान दुकान के ऊपर की मंजिल पर भरा हुआ था। आग की चपेट में आने से दूसरी मंजिल का अधिकांश सामान जल गया या फिर बर्बाद हो गया। दुकान संचालक रमेशचंद्र सैनी का कहना है कि नुकसान तो काफी हुआ है। अभी आंकलन नहीं किया है। उनके अनुसार आग लगने का कारण शॉर्टसर्किट है। सैनी के बेटे अर्जुन की शादी 15 फरवरी को होना है।