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कैदियों के ऐश के दिन गुजरे अब करना होगी मजदूरी

6 वर्ष पहले
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डीजी जेल वीके सिंह ने कहा ऑनलाइन विजिटिंग होगी

सिटीरिपोर्टर | मंदसौर

उपजेल सहित मालवा की तमाम जेलों के कैदियों के ऐश के दिन गुजरने जा रहे हैं। अब सभी को मजदूरी करना पड़ेगी। जेलों में एनडीपीएस एक्ट, हत्या जैसे अपराधियों की सेपरेट बैरक बनेगी। कैदियों की ऑनलाइन पेशी के बाद जेल विभाग नया प्रयोग करने जा रहा है। इसमें कैदियों से परिजन ऑनलाइन विजिटिंग कर पाएंगे।

यह बात जेल विभाग के डीजी वीके सिंह ने गुरुवार शाम उपजेल निरीक्षण के बाद मीडिया से चर्चा में कही। उन्होंने सभी बैरकों, अधीक्षक कार्यालय के निरीक्षण के बाद ऑनलाइन पेशी सिस्टम देखा। डीजी सिंह ने बताया प्रदेश की संवेदनशील क्राउड वाली जेलों को हाईटेक कर रहे हैं। बंदियों को पेशी पर लाने ले जाने में होने वाला खर्च उनके भाग जाने के जोखिम को ऑनलाइन पेशी से दूर किया जा सकेगा। जेल में कान्फ्रेंसिंग हॉल बनेगा जहां कैदी के लिए वीडियो कॉल की सुविधा रहेगी। डीजी सिंह ने कहा मालवा बेल्ट की जेलों में श्रम की कमी है। कैदियों के मसल पॉवर बढ़ने पर वे झगड़े करने लगते हैं। एेसे में अधीक्षक से कहा कैदियों के लिए श्रम संबंधी काम तलाशें। सभी को मजदूरी करना पड़ेगी। कलेक्टर संजीवसिंह, एसपी मनोज शर्मा जेल अधीक्षक आरपी वसुनिया मौजूद थे।

जेल का निरीक्षण करने पहुंचे डीजी वीके सिंह।