‘देश की आशा हिंदी भाषा’ के गूंजे नारे
‘देशकी आशा हिंदी भाषा’, ‘देश का सम्मान बढ़ाना है हिंदी को अपनाना है’ ऐसे नारे हिंदी सािहत्य सम्मेलन की जागरूकता रैली में गूंजे। इसमें नगर की कई सामाजिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ी संस्थाएं शामिल हुई। रविवार दोपहर 3 बजे बीपीएल चौराहा से रैली शुरू हुई। सदस्य हाथों में तख्तियां लेकर नारे लगा रहे थे। सम्मेलन प्रदेश प्रभारी ब्रजेश जोशी ने कहा राष्ट्रभाषा में काम करना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। जिला इकाई अध्यक्ष वेद मिश्रा ने कहा रैली में नगर की सभी साहित्यिक, सामाजिक संस्थाआें का प्रतिनिधित्व शामिल था। सचिव जयेश नागर ने कहा भाषा के प्रति जागरूकता अवश्य आएगी। बंशीलाल टांक ने कहा हिंदी समरसता की भाषा है। इसका किसी से विरोध नहीं है। रैली में विभिन्न संस्थाआें से जुड़े पदाधिकारियों में महेश मिश्रा, डॉ. घनश्याम बटवाल, नरेंद्रसिंह सिपानी, डॉ. ज्ञानचंद खिमेसरा, राव विजयसिंह, आरती तिवारी, ज्योति नवहाल, सुनीता सोनी, िबंदू चंद्रे भी शामिल थे। रैली के समापन स्थल आजाद चौक पर साहित्यकार डॉ. निशा महाराणा ने उपस्थितजन को संकल्प दिलाया कि वे हिंदी के सम्मान आैर सर्वोच्च स्थान के लिए सतत संघर्षरत रहेंगे।
हिंदी भाषा जागरूकता रैली में उपस्थित विभिन्न संस्थाआें से जुड़े सदस्य।