पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • होनहार था हरीश, 15 अगस्त को मिला था पुरस्कार

होनहार था हरीश, 15 अगस्त को मिला था पुरस्कार

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर संवाददाता | पिपलियामंडी/मंदसौर

सेमलीमें बुधवार सुबह हुए हादसे ने दुबे परिवार की सारी खुशियां छीन ली। पूरे गांव में मातम जैसा माहौल रहा। गांव में छोटी सी किराना दुकान चलाने वाले रामप्रसाद दुबे 50 साल की उम्र में पिता बने थे। काफी मन्नतों के बाद बेटा हरीश (19) हुआ, जो पढ़ने-लिखने में होशियार था। वह पिपलियामंडी के शासकीय कॅालेज में बीएससी फाइनल में था। रोज मंदसौर में कोचिंग करता था। 15 अगस्त को कॅालेज में हुए कार्यक्रम में देशभक्ति पर भाषण प्रतियोगिता में उसने पहला स्थान पाया था।

साथमें निकली मां-बेटे की अंतिम यात्रा, गांव में सन्नाटा - हादसेके बाद गांव में सन्नाटा पसर गया। दोपहर में मधुबाला हरीश के पीएम के बाद शव परिजन को सौंप दिए। शाम को गांव में मां-बेटे की अंतिम यात्रा एक साथ निकली। अंतिम संस्कार मृतका के भतीजों ने किया।

हरीश10 दिन पहले ही बना था कॉलेज परिसर अध्यक्ष - रामप्रसादका पुत्र हरीश (बंटी) 10 दिन पहले ही पिपलिया शासकीय कॉलेज में एबीवीपी की ओर से परिसर अध्यक्ष नियुक्त हुआ था। उसके निधन पर छात्र नेता भी संवेदना व्यक्त करने पहुंचे।

मिट्टीकी खदान में धंसने से हुई थी पहली प|ी की मौत - रामप्रसाददुबे की दोनों प|ियां हादसे में चल बसीं। 25 साल पहले उनकी पहली प|ी कमलाबाई की मौत पीली मिट्टी की खदान में धंसने से हुई थी। अब बुधवार को दूसरी प|ी के साथ इकलौते बेटे की करंट से मौत हो गई। वह अब अकेले रह गए।

घटना के बाद गांव में विलाप करते परिजन। फोटो | दिलीप लोहार, कनघट्‌टी

जिला अस्पताल में उपचाररत रामप्रसाद।

4 घंटे तक पूछते रहे ‘कैसी है मधुबाला आैर हरीश’

करंटसे अचेत हुए रामप्रसाद जिला अस्पताल के मेल मेडिकल वार्ड में भर्ती हैं। प्रारंभ में उनकी स्थिति भी गंभीर थी, एेसे में डाॅक्टरों परिजन ने रामप्रसाद को प|ी बेटे की मौत की जानकारी नहीं दी। होश में आने के बाद दोपहर 12.30 बजे तक वे हर किसी से प|ी मधुबाला आैर बेटे हरीश के बारे में पूछते रहते। पीएम से पहले परिजन ने उन्हें सच्चाई बताई तो रामप्रसाद कुछ बोले नहीं लेकिन उनके आंसू टपक पड़े।

(रामप्रसाद शर्मा के भाई गोविंदराम शर्मा)

बेटे की पढ़ाई में कमी नहीं रखना चाहते थे मां-बाप

रामप्रसादके छोटे भाई गोविंदराम शर्मा पिपलियामंडी के बिजली कंपनी कार्यालय में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया हरीश श्र