पार्षद मांग रहे हैं नई सड़कें
नपाचुनाव की आहट के साथ पार्षदों की सक्रियता नगरपालिका में बढ़ गई है। पिछले सम्मेलन में 7 करोड़ की 40 सड़क निर्माण के प्रस्ताव स्वीकृत कर चुकी नगरपालिका नए सम्मेलन में इसे लेकर दबाव है। आगामी सम्मेलन के लिए 30 प्रस्ताव सड़क के रहे हैं।
नगरपालिका सम्मेलन की तैयारियों शुरू होने के बाद विभिन्न शाखाओं ने निर्माण कार्यों के प्रस्ताव मांगे हैं। सड़क निर्माण को लेकर सबसे ज्यादा दबाव है। वार्ड 4 के पार्षद कैलाश सिसौदिया का कहना है चुनाव में ज्यादा समय नहीं है। हमें तेजी से विकास करना होगा। सबसे ज्यादा कॉलोनियां वार्ड में होने के कारण सड़कों के प्रस्ताव ज्यादा हैं। वार्ड 30 के कांग्रेस पार्षद लियाकत नीलगर का कहना है पुराना शहर क्षेत्र होने के कारण सड़क नाली की सबसे ज्यादा समस्या है। बचे समय में समस्या दूर करने का प्रयास करेंगे।
निर्माणमें भेदभाव-नेता प्रतिपक्षशाकीरा खेड़ीवाला का कहना है निर्माण कार्यों एवं सड़क निर्माण में नपा भेदभाव कर रही है। नपा के अगले सम्मेलन में पूरी ताकत से भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी।
प्राथमिकताके आधार पर तय होंगे प्रस्ताव -नपाध्यक्ष कुसुमगुप्ता ने कहा भेदभाव जैसी कोई बात नहीं। सभी पार्षदों के प्रस्तावों पर विचार करते हैं। सम्मेलन के पूर्व विभिन्न विभागों से प्रस्ताव मांगे जाने के बाद उनकी प्राथमिकता नपा अफसरों के साथ तय होती है। प्रस्तावों और कार्यों का प्राथमिकता के आधार पर वर्गीकरण के बाद परिषद के सम्मेलन में विचार के लिए रखा जाता है। नगरपालिका ने शहर के मुख्य मार्गों में से ज्यादातर में सड़क निर्माण करवा दिया। वार्डो में प्राथमिकता के आधार पर काम कराए जा रहे हैं। जहां जरूरत होगी वहां नगरपालिका नए काम स्वीकृत करेगी।
30से अधिक प्रस्ताव आए -नगरीय क्षेत्रके 40 वार्डों में सड़क बनाने के लिए नगरपालिका के पास 30 प्रस्ताव हैं। मूलभूत सुविधाओं के बजाए पार्षदों का ज्यादा ध्यान नई सड़क बनाने पर है। नपा सम्मेलन की तैयारी कर रहे नगरपालिका अध्यक्ष अधिकारियों के सामने सड़कों के प्रस्तावों की प्राथमिकता तय करना चुनौती है। दो सम्मेलनों में सड़क स्वीकृति का लाभ उठा चुके वार्डों के लिए नई सड़कों के प्रस्ताव रखना विवाद का कारण बनेगा। नगरपालिका अधिकारी प्रस्ताव के बाद उनके एस्टीमेट और अन्य पहलुओं पर भी विचार करने के बाद उन्हें परिषद में रखने का निर्णय लेंगे।
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