पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • यूरिया संकट से किसान परेशान

यूरिया संकट से किसान परेशान

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
{कोतवाली के सामने सड़क पर बैठकर गाया भजन

सिटीरिपोर्टर | मंदसौर

रबीमें खाद संकट को लेकर जिला कांग्रेस के आव्हान पर शुक्रवार को गांधी चौराहे से रैली निकालकर कोतवाली थाने पर प्रदर्शन किया गया। प्रशासन के वरिष्ठ अफसरों के ज्ञापन लेने नहीं आने पर नाराज कांग्रेसजन सड़क पर बैठ गए और रघुपति राघव राजाराम का भजन गाया। एक घंटे के प्रदर्शन के बाद एसडीएम अंजली द्विवेदी को राज्यपाल के नाम ज्ञापन दिया।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश रातडिया के नेतृत्व में गांधी चौराहा पर नुक्कड सभा के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता दोपहर 12.30 बजे कोतवाली थाने पहुंचे। प्रदर्शन के बाद जब ज्ञापन देने की बारी आई तो वरिष्ठ अधिकारी की गैर मौजदूगी पर कोतवाली टीआई एमपी सिंह परिहार को ज्ञापन देने से मना कर दिया। नाराज कांग्रेसी नारेबाजी करते हुए कोतवाली थाने के सामने धरने पर बैठ गए। दोपहर 1 बजे के धरने पर बैठे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रघुपति राघव राजाराम का भजन गाकर प्रशासन, शासन एवं भाजपा सरकार के लिए सद्बुद्धि की प्रार्थना की। 1.15 बजे एसडीएम अंजली द्विवेदी और वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी तेजवीरसिंह कोतवाली थाने पहुंचे। कृषि विभाग से आए अधिकारी ने यूरिया वितरण व्यवस्था के बारे में बताया जिससे कांग्रेस संतुष्ट नहीं हुए और बहस हुई। बाद में राज्यपाल के नाम एसडीएम को ज्ञापन दिया। प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक नवकृष्ण पाटिल, जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष बबीतासिंह तोमर, पूर्व जिला अध्यक्ष महेंद्रसिंह गुर्जर, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद हनीफ शेख, शिवभानुसिंह बघेल, श्यामलाल जोकचंद, प्रीतिपालसिंह राणा, शशिकांत गर्ग, शक्तिदानसिंह सिसौदिया, राघवेंद्रसिंह तोमर अन्य कांग्रेस नेता, किसान पदाधिकारी कार्यकर्ता मौजूद थे।

एसडीएम अंजलि द्विवेदी को ज्ञापन देते कांग्रेस नेता।

एक नजर

1800

खातेदार

9

गांव

4100

सदस्य

ज्यादा खाद की मांग करने वाले किसानों को समझाते सोसायटी अध्यक्ष।

महिलाओं को आना पड़ रहा खाद लेने। }फोटो भास्कर

खाद संकट को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन

भास्कर संवाददाता | शामगढ़

यूरियासंकट कम नहीं होने के कारण किसान परेशान हैं। जरूरतमंद की बजाए रसूखदार किसानों के लिए आए खाद का फायदा उठा रहे हैं। अधिक जरूरत वाले किसानों को बाजार से खाद खरीदना पड़ रहा है।

यह हाल शामगढ़ सोसायटी का है। सोसायट