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नाबालिग को भगाकर चित्तौड़ ले गया और ज्यादती के बाद रतलाम स्टेशन पर छोड़कर भागा, दस साल कारावास

5 वर्ष पहले
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शादी का झांसा देकर सेल्सगर्ल नाबालिग लड़की को भगाने तथा ज्यादती के बाद स्टेशन पर छोड़कर भाग जाने वाले युवक को न्यायालय ने दस साल कठोर कारावास तथा 5500 रुपए अर्थदंड से दंडित किया। सजा सुनाने के बाद अभियुक्त को जेल भेज दिया।

जिला अभियोजन अधिकारी शिराज खान ने बताया ब्रांडेड वाशिंग पावडर कंपनी में सेल्सगर्ल का काम करने वाली लड़की 12 मार्च 2016 को बुआ के यहां जाने का कहकर घर से गई थी। शाम तक नहीं लौटी तो पिता ने फोन लगाया। मोबाइल फोन बंद था। अपनी बहन और कंपनी के आफिस में तलाश करने पर नहीं मिली तो पिता ने दीनदयाल नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। 20 मार्च को पुलिस ने रेलवे स्टेशन से दस्तयाब किया। लड़की ने पुलिस को बताया पुताई का काम करने वाला मोतीनगर निवासी सुनील पिता जगदीश डामर (28) शादी का झांसा देकर उसे ले गया था। घटना दिनांक को मैजिक से दोनों जावरा फाटक पहुंचे फिर बस से मंदसौर और ट्रेन से जयपुर गए। जयपुर से सुनील उसे चित्तौड़गढ़ लाया और झोपड़ी में रखा। पांच दिन तक ज्यादती की। इसके बाद दोनों ट्रेन से रतलाम आए। रेलवे स्टेशन पर सुनील उसे छोड़कर भाग गया। लड़की ने रेलवे स्टेशन से पिता को फोन लगाया। पिता के साथ रेलवे स्टेशन पहुंची पुलिस ने लड़की को दस्तयाब किया और प्रकरण में ज्यादती तथा पास्को एक्ट की धाराएं बढ़ाईं। सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश सत्येंद्र जोशी ने अभियुक्त सुनील को पास्को एक्ट में दस साल की सजा तथा पांच हजार रुपए अर्थदंड एवं अपहरण के आरोप में तीन साल कारावास तथा पांच सौ रुपए अर्थदंड की सजा से दंडित किया।

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