सौंदर्यीकरण से पहले दूर करें ये खामियां
कॉलेज ग्राउंड। यहां रोज सुबह-शाम करीब 1000 लोग टहलने, रनिंग, खेल अभ्यास के लिए आते हैं। प्रशासन ग्राउंड के सौंदर्यीकरण की प्लानिंग में जुटा है। लेकिन पहले बेसिक खामियां दूर करना जरूरी है। मसलन ग्राउंड की लेवलिंग ठीक नहीं है, कई दिनों तक बारिश का पानी जमा रहता है।
गर्ल्स काॅलेज की आेर बने पाथ को ऊंचा उठाने की जरूरत है। खेल प्रतिभाआें को बॉस्केटबॉल कोर्ट के सुधरने का इंतजार है। इस संबंध में कलेक्टर संजीवसिंह ने मैदान की देख-रेख से जुड़े कामों के लिए नपा, बिजली कंपनी के अधिकारियों को प्लानिंग से अवगत कराया था। यहां सिक्युरिटी गार्ड गेट पर ताला के साथ सौंदर्यीकण के लिए चारों आेर लाइटिंग और बेसिक समस्याओं के निराकरण की जरूरत है। मैदान का स्वामित्व पीजी कॉलेज प्रशासन की देख-रेख में है।
कॉलेज मैदान पर बरसों पुराने बॉस्केटबाॅल कोर्ट है। बजट के बावजूद इसका काम पूरा नहीं हुआ। पिछले दिनों पीजी कॉलेज के गर्ल्स होस्टल के शिलान्यास समारोह में विधायक यशपालसिंह सिसौदिया ने लोनिवि के अधिकारियों से यह काम जल्द पूरा करने को कहा था।
करीब 1.2 किमी के दायरे वाले ग्राउंड की लेवलिंग जरूरी है। बारिश का पानी भरा होने से क्रिकेट, फुटबॉल के खलाड़ियों को परेशानी होती है। ग्राउंड में कांच के टुकड़े, कचरा भी पड़ा रहता है। कई खेल संगठन इस संबंध में तत्कालीन कलेक्टर शशांक मिश्रा से शिकायत भी दर्ज करा चुके थे।
ग्राउंड के गर्ल्स कॉलेज की आेर वाले हिस्से के पैदल पाथ वाले एरिया को ऊंचा करने की जरूरत है। यहां रोज 700 से अधिक लोग वॉक करने आते हैं।
पीजी कॉलेज प्राचार्य डॉ. ज्ञानचंद खिमेसरा ने बताया कलेक्टर ने निरीक्षण के बाद बिजली कंपनी नपा को एस्टीमेट तैयार करने को कहा था। जो संभवत: सोमवार को बन जाएगा। जहां तक ग्राउंड की लेवलिंग पाथ की ऊंचाई अन्य समस्याएं है उसे भी कार्य जारी रहने के दौरान ही प्राथमिक से पूरा कराएंगे। हर वर्ग की भावनाआें को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाए हैं।
एस्टीमेट सोमवार को मिलेगा