मंदी का दौर है, सौदे कटने से ज्यादा हुईं रजिस्ट्रियां
प्रॉपर्टी गाइड के नए प्रस्ताव को कॉलोनाइजर और ब्रोकर्स नकार रहे हैं। उनकी माने तो पंजीयन कार्यालय के आंकड़ों में 2012-13 के बाद पंजीयन रिकॉर्ड में कमी आई है। दो साल से भाव स्थिर 14-15 की तेजी दिखावटी होकर सौदे कटने के कारण दिख रही है। नई गाइड लाइन को लेकर 20 फरवरी बाद जिला मूल्यांकन समिति नीति निर्धारण करेगी। प्रॉपटी ब्रोकर प्रीतेश चावला का कहना है जमीनों की गाइड लाइन तय करने से पहले बाजार कीमत का आंकलन जरूरी है। बस स्टैंड, कालाखेत को व्यावसायिक क्षेत्र मानकर गाइड लाइन ऊंची कर दी। इससे सौदों पर ब्रेक लगा हुआ है। यहां वास्तविक कीमत ही गाइड लाइन से 10 से लेकर 30 प्रतिशत तक कम है। प्रॉपर्टी ब्रोकर मनजीतसिंह टूटेजा का कहना है संजीत रोड, कालाखेत, नई आबादी क्षेत्र में अंतर सबसे ज्यादा है। ऐसे में कम कीमत पर सौदे के बाद ज्यादा कीमत की गाइड लाइन पर पंजीयन क्रेता और विक्रेता दोनों को भारी पड़ता है।
दोनों पहलू हैं यहां
जिला पंजीयक पीपी शुक्ला ने कहा क्षेत्रों में विसंगति से इंकार नहीं किया जा सकता है। जमीन खरीदने वाले कम कीमत पर जमीन खरीदी कर ज्यादा गाइड लाइन की बात कहते है लेकिन ज्यादा कीमत पर खरीदी गई प्रॉपर्टी की वास्तविक कीमत से पंजीयन भी नहीं कराते। नई गाइड लाइन तय करने के पहले इसीलिए सुझाव लेते हैं ताकि विसंगति कम हो सके।
वास्तविकता के करीब हो
कॉलोनाइजर महेंद्र चौरड़िया ने बताया किसी क्षेत्र की गाइड लाइन तक करने पर सबसे कम कीमत और सबसे ज्यादा कीमत को औसत बनाकर गाइड लाइन तय कर दी जाती है। जो कई बार अव्यवहारिक हो जाती है। गाइड लाइन की विसंगति का उदाहरण अभिनंदन नगर है। औसत गाइड लाइन 6800 तक है। यहां मुख्य मार्ग पर 15 बाय 9 मीटर का प्लाॅट औसतन 3700 रुपए से 5 हजार रुपए वर्ग मीटर तक मिल जाता है औसत गाइड लाइन 6800 तक है। यही स्थिति स्नेह नगर, किटियानी, संजीत रोड की कॉलोनी, मेघदूत नगर सहित अन्य क्षेत्रों में है।
पंजीकृत हुए दस्तावेज
वर्ष दस्तावेज विभाग को आय
2011-12 7956 18.35 करोड़
2012-13 8571 21.00 करोड़
2013-14 7494 19.00 करोड़
2014-15 9096 29.00 करोड़