दफनाए शव को निकाल वापस घर पहुंचा दिया
अश्विनी बाजार स्थित कब्रिस्तान से मंगलवार को एक दफनाई हुई लाश निकालने की घटना हुई। सोमवार रात करीब एक बजे खांजीपीर निवासी 80 वर्षीय यूसुफ रंगरेज की मौत होने पर परिजन ने मंगलवार सुबह 11 बजे अश्विनी बाजार कब्रिस्तान में दफनाया था।
परिजन के कब्रिस्तान से घर लौट आने के बाद दोपहर 12:30 बजे करीबन 100 लोग घर आए और शव को जमीन से निकालने को कहा। इन लोगों का कहना था कि यूसुफ सुन्नी मुसलमान नहीं बल्कि वहाबी हैं। यहां तक कि परिजन ने लिखकर दिया यूसुफ सुन्नी मुसलमान हैं। इसी बीच लोगों ने यूसुफ का शव कब्रिस्तान से निकाल कर उनके घर के बाहर रख दिया। परिजन ने विरोध नहीं किया और शव लेकर मंदसौर चले गए। उल्लेखनीय है उदयपुर शहर में 99 फीसदी सुन्नी मुस्लिम हैं। मुसलमानों के विभिन्न समुदायों के अलग-अलग कब्रिस्तान होते हैं। यूसुफ लच्छा बनाने का काम करते थे और 1954 में मंदसौर से उदयपुर आए थे।
लोगों ने किया था विरोध
घटना के बाद एडवोकेट बेटे हामिद हुसैन ने शव को मध्यप्रदेश में मंसोर के खानपुरा ईदगाह के पास कब्रिस्तान में दफनाया है। स्थानीय लोगों ने बताया खांजीपीर के मुसलमानों ने विरोध नहीं किया। यहां तक इंतकाल के बाद मस्जिद से एेलान भी किया था। शहर के दूसरे हिस्से के लोग बाद में आए और विरोध करने लगे।
यूसुफ रंगरेज