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नयाखेड़ा में पशुपतिनाथ स्वर्ण जयंती द्वार बनाएंगे
पशुपतिनाथ मंदिर प्रबंध समिति की बैठक शनिवार को 10.45 बजे कलेक्टोरेट में हुई। स्वर्ण जयंती द्वार के साथ सुरक्षा, खातों के एकीकरण, ट्रस्टी एवं कर्मचारियों की नियुक्ति के मुद्दों पर चर्चा हुई।
कलेक्टर संजीवसिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में नयाखेड़ा स्थित मप्र पर्यटन विकास निगम के मोटल के समीप फोरलेन पर 11 लाख से पशुपतिनाथ स्वर्ण जयंती द्वार बनाने का प्रस्ताव स्वीकृत किया। द्वार का प्रस्ताव मनोकामना अभिषेक 2009 में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की भागीदारी के दौरान चेतन्य काश्यप फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं विधायक चेतन्य काश्यप ने दिया था। द्वार निर्माण भरतपुर राजस्थान के कलाकारों द्वारा लाल पत्थर से किया जाएगा। सांसद सुधीर गुप्ता ने मंदिर सुरक्षा बेहतर बनाने के लिए विशेष ध्यान देने पर जोर दिया। शिवरात्रि महोत्सव के लिए 20 हजार के व्यय का प्रस्ताव स्वीकृत किया। विधायक यशपालसिंह सिसौदिया, नपाध्यक्ष कुसुम गुप्ता, एसपी मनोज शर्मा, अपर कलेक्टर जेसी बौरासी, समिति सदस्य निर्मल मंडोवरा, ललित भारद्वाज अन्य मौजूद थे।
{मंदिर के सभी खातों को एक बैंक में रखा जाएगा। राष्ट्रीयकृत बैंक से सेवा और अधिलाभ की जानकारी जुटाई जाएगी। बेहतर ऑफर देने वाली बैंक का चयन होगा।
{मंदिर की सुरक्षा के लिए उच्च क्वालिटी के और सीसी टीवी कैमरे लगाने, शासकीय निजी गार्ड एजेंसी गार्ड नियुक्त कराने, दोनों से प्रस्ताव प्राप्त कर इनमें से सबसे बेहतर सुरक्षा एजेंसी को दायित्व दिया जाएगा।
{रात्रिकालीन सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था होगी। सुरक्षा के लिए बने कंट्रोल रूम पर पुलिस विभाग के कर्मचारी रहेंगे।
{आयकर की धारा 80 के संबंध में चर्चा पर तय हुआ आयकर संबंधी पहलू पर विचार के लिए योग्य आयकर सलाहकार की नियुक्ति होगी।
{तापेश्वर मंदिर के गेट खोलने के आवेदन पर तय हुआ यहां आने जाने के लिए रास्ता बनेगा। निजी स्वामित्व वाले मंदिर को ट्रस्ट के अधीन लाने का प्रयास होगा।
{पशुपतिनाथ मंदिर में प्रबंध समिति के रिक्त पदों की पूर्ति के संबंध में मनोनयन प्रस्ताव पर पुनर्विचार होगा।
{मंदिर में सफाई के लिए आउट सोर्सिंग के जरिए प्रस्ताव मंगवाकर साफ सफाई व्यवस्था बेहतर बनाएंगे।
{मंदिर प्रबंधक पद के लिए प्रबंधन विषय में डिग्रीधारी युवाओं से आवेदन मंगवाकर मेरिट आधार पर चयन होगा।
{मंदिर की दानपेटी से मिली बसस्टैंड के पास वाली जमीन की वसीयत के मामले में तहसीलदार को जांच का काम सौंपा।
बैठक में चर्चा करते जनप्रतिनिधि मंदिर समिति के पदाधिकारी।