पानी निकालने पहुंची नपा टीम
गीताभवन अंडरब्रिज निर्माण की तकनीकी खामी उजागर होने और निचले हिस्से में जमा पानी निकालने के लिए सोमवार को नपा टीम पहुंची। भास्कर ने 2 करोड़ के अंडरब्रिज की खामी उजागर कर पानी के रिसाव का मामला उठाया था। इसके बाद टीम पहुंची और गाद, कचरे को हटाया लेकिन रिटेनिंग वॉल के बाहर की ओर जमा पानी पर ध्यान नहीं दिया।
गीता भवन अंडरब्रिज निर्माण के बाद पहली ही बारिश में पानी निकासी को लेकर सवालों के घेरे में गया। सितंबर में हुई तेज बारिश के बाद स्थिति यह है कि ब्रिज के निचले हिस्से में लगातार पानी ठहरा हुआ है। पटरी किनारे वाले कुछ हिस्सों में बारिश के पानी की निकासी रुक गई है। यह पानी बड़े हिस्से में एकत्र हो रहा है जो रिटेनिंग वॉल से रिसकर ब्रिज तक पहुंच रहा है। भास्कर ने जिम्मेदारों को चेताया तो नपा अफसर मौके पर पहुंचे।
स्वास्थ्यसमिति प्रभारी, अधिकारी रहे मौके पर- सोमवारको स्वास्थ्य समिति प्रभारी शैलेंद्र पंचोली, स्वास्थ्य अधिकारी केजी उपाध्याय, स्वास्थ्य विभाग की टीम लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने पंपिग स्टेशन तक पानी पहुंचाने के लिए बनाई चैनल की जाली हटवाई। चैनल में जमा गाद, कचरा और मिट्टी हटाई। ठहरे हुए पानी को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी इंतजाम किए।
टीम भेजेंगे
^नपाइंजीनियरों ने जानकारी दी है। तकनीकी टीम काे भेजकर अंडरब्रिज की जांच कराएंगे। एस.राजकुमार,मंडलडिवीजनल इंजीनियर, रतलाम
अंडरब्रिज से पानी निकालने के मार्ग की सफाई करते नपाकर्मी।
रिटेनिंग वॉल के लिए रेलवे जिम्मेदार
उपयंत्रीराजेश उपाध्याय का कहना है रिटेनिंग वॉल सहित अन्य निर्माण रेलवे की जवाबदेही है। इसे लेकर जो भी तकनीकी या अन्य सुधार करना है, वह रेलवे ही करेगी। पटरी किनारे पानी जमा होने या रिटेनिंग वॉल से रिसाव की जानकारी रेलवे अफसरों को दी चुकी है।
पटरी के पास जमा पानी पर ध्यान नहीं
रिटेनिंगवॉल के बाहर की ओर नाले के आसपास जमा पानी निकालने के लिए अभी भी प्रयास नहीं किए गए हैं। यही पानी रिटेनिंग वॉल से रिसकर ब्रिज के भीतर जमा हो रहा है। इसके कारण भविष्य में वॉल कमजोर होने की आशंका है। इससे अंडरब्रिज की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। इस पानी को हटाने की जिम्मेदारी नपा की ही है।