कर्जा उतारने किया अपहरण, पहचान लिया तो कर दी हत्या
भास्कर संवाददाता | मंदसौर / भानपुरा
गांव के चार युवकों ने व्यापार में घाटा खाने के बाद कर्जा चुकाने के लिए पहले वृद्ध का अपहरण किया। उसके मोबाइल से बेटे को फोन भी किया। जब वृद्ध ने उन्हें पहचान लिया तो हत्या कर दी। इसके बाद बदमाशों ने एक बार फिर मृतक के भाई को फोन कर फिरौती मांगी थी। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
एसपी मनोज शर्मा ने बताया 24 दिसंबर 2015 को भैंसोदामंडी निवासी कन्हैयालाल पाटीदार खेत पर बने मकान पर सोने गया। 25 दिसंबर सुबह 5.33 बजे कन्हैयालाल के बेटे रामदयाल के पास कन्हैयालाल के मोबाइल से फोन आया। अज्ञात व्यक्ति ने कन्हैयालाल के अपहरण की बात कहते हुए रुपयों का बंदोबस्त करने की बात कही। इसके बाद सुबह 11.37 बजे एक बार फिर फोन आया इसमें शाम तक रुपयों का इंतजाम करने की बात कही। इस पर जब जब रामदयाल ने पिता से बात कराने को कहा तो बदमाशों ने रुपए नहीं देने पर हत्या की धमकी दी। शिकायत के बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया। 28 दिसंबर को कन्हैयालाल का मोबाइल देहरिया के पास से मिला। 13 जनवरी को कन्हैयालाल का शव कैसोदा रोड पुलिया के नीचे मिला। पुलिस ने मामले में बदमाशों के खिलाफ हत्या व साक्ष्य छुपाने के मामले में प्रकरण दर्ज किया। जांच चल ही रही थी की आरोपियों ने इस बार मृतक के भाई नंदलाल से 15 जनवरी को फोन कर 5 लाख रुपए की मांग जान की कीमत के रूप में मांगी। घटना के बाद पुलिस मामले में गांव के किसी का हाथ होने की शंका हुई। शंका के आधार पर पुलिस ने शिवपालसिंह उर्फ लोकेंद्रसिंह पिता बापूसिंह राजपूत (25) एवं कृष्णपाल सिंह उर्फ काना पिता शंभूसिंह राजपूत (28) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। दोनों ने अपहरण व हत्या करना स्वीकार किया।
पोल्ट्री फार्म का 8 लाख का हो गया था कर्जा
आरोपियों ने 6 माह पहले गांव के मांगीलाल कुम्हार से पोल्ट्रीफार्म ठेके पर लिया। इसमें 8 लाख रुपए का घाटा हुआ। इससे उन पर कर्जा हो गया। गांव में कन्हैयालाल का परिवार सामान्य परिवार था। शांत व सीधे स्वभाव काे देखते हुए आरोपियों ने कन्हैयालाल का अपहरण करने की योजना बनाई। चूंकि गांव के ही होने से कन्हैयालाल ने दोनों को पहचान लिया। दोनों ने उनकी हत्या कर दी।
आरोपी शिवपालसिंह व कृष्णपालसिंह पुलिस गिरफ्त में।
आजम और बाबू के साथियों की तलाश
एसपी ने बताया विभिन्न मामलों में बदमाश आजम व बाबू का सहयोग करने वाले हर व्यक्ति की तलाश है। इसके अलावा जिन विवादित मामलों में आजम या उसके परिजन ने निपटारा कराया उनको नोटिस दिए जा रहे हैं।
बाबू फकीर के कहने पर दी धमकियां
पूछताछ में रफीक ने खुलासा किया वह बाबू फकीर का खास साथी है। उनके कहने पर लोगों को फोन लगाकर धमकाता था। डर के चलते लोगों ने थानों पर जाने की हिम्मत तक नहीं की। बाबू फकीर जब भी पेशी पर मंदसौर आता तब रफीक अपने 8 से 10 बदमाश साथियों के साथ उसकी सुरक्षा में मौजूद रहता था। एवज में बाबू उसे खर्चे-पानी के लिए मोटी रकम देता था।
ठन्ना हत्याकांड- पिस्टल देने वाला रफीक गिरफ्तार
भाई व दूसरी प|ी के साथ मिलकर कर दी थी हत्या
मंदसौर / भानपुरा | पारिवारिक विवाद में दूसरी प|ी व बड़े भाई के साथ मिलपहली प|ी की हत्या करने वाले को पुलिस ने गिरफ्तार किया। जेठ को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। सौतन फरार है। घटना के बाद आरोपी कंबल बेचने चला गया था। एसपी मनोज शर्मा ने बताया 14 अप्रैल 2014 को हनुमान खेड़ा के पास चंबल में एक महिला की लाश मिली। उसकी हत्या कर वजनी पत्थर बांध कर फेंका था। पहचान सीतामऊ थाना क्षेत्र के महुवी निवासी खन्ना पिता भीमा बंजारा ने बहन खड़ावदा निवासी नंदूबाई के रूप में की। दोनों का डीएनए टेस्ट कराया। इसमें मृतिका खन्ना की बहन पाई गई। मामले में पुलिस ने 10 फरवरी को जेठ प्रहलाद को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने पारिवारिक झगड़ों के चलते भाई नाथू व दूसरी प|ी इंद्राबाई के साथ मिलकर हत्या करना स्वीकार किया। शुक्रवार को आरोपी पति नाथू को गिरफ्तार किया। इंद्राबाई फिलहाल फरार है।