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- ‘कफन में जेब कब्र में अलमारी, द्वारपाल भी रिश्वत नहीं लेता, किसके लिए कमा रहे हो’
‘कफन में जेब कब्र में अलमारी, द्वारपाल भी रिश्वत नहीं लेता, किसके लिए कमा रहे हो’
{चंबल रेंज से बालाघाट स्थानांतरित हुए आईजी डीसी सागर ने विदाई समारोह में पुलिस विभाग में फैले भ्रष्टाचार पर किया कटाक्ष।
भास्करसंवाददाता|मुरैना
कफनमें जेब नहीं होती और कब्र में अलमारी भी नहीं है। यमराज का द्वारपाल भी रिश्वत नहीं लेता। तो फिर तुम लोग किसके लिए कमा रहे हो। यह बात चंबल रेंज से बालघाट के लिए स्थानांतरित हुए आईजी डीसी सागर ने कही।
आईजी श्री सागर सोमवार-मंगलवार की मध्यरात्रि में 11.30 बजे मुरैना एसएएफ लाइन के समर हाउस में अपने विदाई समारोह के दौरान बोल रहे थे। समारोह में एएसपी रघुवंश सिंह भदौरिया समेत सभी एसडीओपी और पुलिस कर्मचारी मौजूद थे। आईजी ने पुलिस विभाग में फैले भ्रष्टाचार पर, ज्यादा करने की लालसा कोशिशों पर बंदिश के लिए पुलिस अधिकारियों कर्मचारियों को आध्यात्मिक ज्ञान दिया। उन्होंने कटाक्ष किया कि जब पैसा जाना ही नहीं है तो उसके पीछे क्यों भागें। आईजी ने इस दौरान यह भी कहा कि सिटी कोतवाली में उन्होंने निरीक्षण में पाया है कि वहां जब्त माल और मालखाने में जमा माल के बीच बड़ा अंतर है। इसकी जांच कमेटी से कराई जा रही है।
किसीको समझाया किसी को दी नसीहत: आईजीसागर ने विदाई समारोह में मौजूद प्रोवेशनर सब इंस्पेक्टर्स की क्लास ली। उन्होंने एक-एक करके सभी पीएसआई मंच पर बुलाए और उनसे कुछ सवाल किए। साथ ही जवाबों पर क्राॅस करके उन्होंने सही जवाब पर एक महिला जेएसआई को छोड़कर सभी को निरुत्तर कर दिया।
मुरैना। विदाई समारोह में मौजूद आईजी डीसी सागर कलेक्टर शिल्पा गुप्ता।
पीएसआई की ली क्लास
आईजी: (एक पीएसआई से) क्या नाम है?
पीएसआई: दीपेंद्र सिंह यादव।
आईजी: आगे पढ़ रहे हैं?
यादव: यस सर।
आईजी: क्या पढ़ रहे हैं?
यादव: सर, कॉम्पटीशन की तैयारी कर रहा हूं।
आईजी: तो सब इंस्पेक्टर क्यों बने। छोड़ो इसे और तैयारी करके आगे बढ़ो। क्यों किसी गरीब का हक छीन रहे हो?
आईजी : (जेएसआई भूमिका दुबे से) पढ़ रही हो?
भूमिका: नो सर।
आईजी: क्या पीएससी, यूपीएससी की तैयारी नहीं कर रहीं।?
भूमिका: नो सर, मैं तो जेएसआई हूं, काम कर रही हूं।
आईजी: वैरी गुड, ये एक अच्छी इंस्पेक्टर बनेगी।?
आईजी : (पीएसआई नम्रता भदौरिया से) क्या कर रही हो?
नम्रता: सर, कॉम्पटीशन की तैयारी कर रही हूं।
आईजी: तो सब इंस्पेक्टर क्यों बनीं, क्या पढ़ी हो।?
नम्रता: सर, एमब